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भारत में सोने की कीमतों में तेजी: 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा

भारत में सोने की कीमतों में तेजी का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास सोने की कुल वैल्यू 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। यह बदलाव पारंपरिक वित्तीय निवेशों से सोने की ओर बढ़ते झुकाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो इसका अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस विषय पर और क्या कहते हैं विशेषज्ञ।
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भारत में सोने की कीमतों में तेजी: 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा

सोने की बढ़ती कीमतों का प्रभाव

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव अब भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की कुल अनुमानित वैल्यू जनवरी 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक पहुंचने की संभावना है। भारतीय रुपये में यह राशि लगभग 445 लाख करोड़ रुपये के बराबर है, जो कि देश के शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण के समकक्ष है।


सोने की ओर बढ़ता झुकाव

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय परिवारों में सोने के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। लोग अब पारंपरिक वित्तीय निवेश जैसे कि बैंक डिपॉजिट से हटकर सोने जैसी भौतिक संपत्तियों में निवेश को अधिक सुरक्षित मानने लगे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि बचत का एक बड़ा हिस्सा अब वित्तीय प्रणाली से बाहर जा रहा है।


संपत्ति में सोने की हिस्सेदारी

विशेषज्ञों के अनुसार, घर और जमीन को छोड़कर भारतीय परिवारों की कुल संपत्ति में सोने की हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा बैंक जमा और इक्विटी निवेश की कुल वैल्यू से भी अधिक है, जो सोने की बढ़ती महत्वता को दर्शाता है।


पिछले पांच वर्षों में मूल्य वृद्धि

पिछले पांच वर्षों में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मार्च 2019 में इसकी कुल वैल्यू लगभग 109 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 445 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस वृद्धि के पीछे बढ़ता आयात और वैश्विक बाजार में सोने की मांग मुख्य कारण माने जा रहे हैं।


अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि सोने की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो इसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अधिक आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा और बाहरी भुगतान संतुलन भी प्रभावित हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के भंडार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। जबकि सोने में बढ़ता निवेश परिवारों के लिए सुरक्षित विकल्प बन रहा है, यह अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां भी उत्पन्न कर सकता है।


विशेषज्ञों की राय

सोने में बढ़ते निवेश को आम लोग सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन यह अर्थशास्त्रियों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब लोग अपनी बचत को बैंक जमा या अन्य वित्तीय साधनों की बजाय सोने में लगाते हैं, तो यह पूंजी सक्रिय अर्थव्यवस्था से बाहर हो जाती है।