भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता: भारतीय उद्योग के लिए नई संभावनाएं
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारतीय व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने की संभावना रखता है। उद्योग विशेषज्ञों और निर्यातकों का मानना है कि यह समझौता भारतीय उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजारों में प्रवेश को सुगम बनाएगा।
इस FTA के तहत कपड़ा, दवा, रसायन, इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषणों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र
FTA के कार्यान्वयन से भारत के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी:
कपड़ा और परिधान: भारतीय कपड़ा उद्योग को यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। शुल्क समाप्त होने से भारतीय कपड़े वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
दवा और रसायन: भारतीय दवाएं गुणवत्ता और लागत के मामले में पहले से ही प्रमुख हैं। FTA से यूरोपीय स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की उपस्थिति और मजबूत होगी।
इंजीनियरिंग और मशीनरी: यूरोप इंजीनियरिंग सामानों का एक बड़ा खरीदार है। शुल्क मुक्त व्यापार से इस क्षेत्र में निवेश और उत्पादन में वृद्धि होगी।
रत्न और आभूषण: भारतीय कारीगरी और रत्न यूरोपीय ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हैं, जिन्हें अब और बड़ा बाजार मिलेगा।
निर्यातकों की उम्मीदें
निर्यातकों ने इस समझौते के लिए वार्ता की समाप्ति की घोषणा 27 जनवरी को होने की संभावना जताई है। उद्योग का अनुमान है कि FTA के कारण शुल्क समाप्त होने से अगले तीन वर्षों में यूरोपीय संघ को होने वाला निर्यात दोगुना हो सकता है।
निर्यातकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह समझौता उन्हें एक स्थिर ढांचा प्रदान करेगा। इससे भारतीय कंपनियां दीर्घकालिक निवेश की योजना बना सकेंगी और यूरोपीय मूल्य श्रृंखला से जुड़कर बाजार तक पहुंच सुरक्षित कर सकेंगी।
परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि यह FTA किसी एक बाजार पर निर्भरता को कम करने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी शुल्कों के कारण घरेलू निर्यातकों को उच्च लागत और प्रतिस्पर्धा में कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे अपने निर्यात बाजार में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रोमोर इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक यदुवेंद्र सिंह सचान ने कहा कि घरेलू चमड़ा निर्यातकों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह FTA भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि अमेरिकी शुल्कों में वृद्धि भारतीय निर्यातों को प्रभावित कर रही है, जिससे निर्यात बाजारों और व्यापार रणनीतियों में विविधीकरण की आवश्यकता बढ़ रही है।
