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भारत सरकार ने एयरलाइंस के लिए ईंधन कीमतों को स्थिर करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता दी

भारत सरकार ने मध्य पूर्व में तनाव के चलते ईंधन की कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। यह सहायता 36 महीनों के लिए लागू होगी, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी। इस निर्णय का उद्देश्य एयरलाइंस को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
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भारत सरकार ने एयरलाइंस के लिए ईंधन कीमतों को स्थिर करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता दी

मध्य पूर्व में तनाव और ईंधन की कीमतों में अस्थिरता

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, भारतीय सरकार ने बुधवार को तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 10,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में स्थिरता लाना है। यह महत्वपूर्ण निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह वित्तीय सहायता पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुदान प्रस्तावों के माध्यम से ओएमसी को ब्याज मुक्त अग्रिम के रूप में प्रदान की जाएगी। 


छत्तीस महीनों के लिए मूल्य स्थिरीकरण सहायता

छत्तीस महीनों के लिए मूल्य स्थिरीकरण सहायता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता 36 महीनों के लिए लागू रहेगी। सरकार ने यह भी कहा कि वार्षिक समीक्षा का प्रावधान है या अग्रिम राशि की पूरी वसूली/निपटान होने तक, जो भी पहले हो। यदि इस अवधि के भीतर कोष का पूरा हिसाब नहीं हो पाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से प्रस्ताव को छत्तीस महीनों से आगे बढ़ाया जा सकता है।