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भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8% की वृद्धि: सेवा क्षेत्र का प्रमुख योगदान

भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8% की वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस वृद्धि में सेवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसमें ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 7.6% की वृद्धि हुई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में कमी भी देखी गई है, जैसे खनन क्षेत्र में -3.1% की गिरावट। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है!
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भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8% की वृद्धि: सेवा क्षेत्र का प्रमुख योगदान

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती

भारतीय अर्थव्यवस्था: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार को ये आंकड़े जारी किए। पिछले वर्ष की इसी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 6.5% की वृद्धि हुई थी।


इस वृद्धि में सबसे अधिक योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है, जिसमें अप्रैल से जून तिमाही के दौरान ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 7.6% की वृद्धि दर्ज की गई।


भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव


वर्तमान रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत में अच्छी गति से आगे बढ़ रही है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.8% की वृद्धि, पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 6.5% की वृद्धि दर से अधिक है। सेवा क्षेत्र में शानदार वृद्धि के चलते, इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.6% की वास्तविक जीवीए ग्रोथ भी देखी गई है।


नॉमिनल GDP में भी वृद्धि


वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी में 8.8% की वृद्धि हुई। कृषि और संबंधित क्षेत्रों में वास्तविक जीवीए ग्रोथ रेट 3.7% रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 1.5% थी। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 7.7% और निर्माण क्षेत्र में 7.6% की वृद्धि दर्ज की गई है।


कुछ क्षेत्रों में कमी


खनन क्षेत्र में -3.1% की कमी आई, जबकि बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवा क्षेत्रों में 0.5% की वृद्धि हुई। वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.0% की वृद्धि दर्ज की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 8.3% थी.