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भारतीय इक्विटी बाजार में निवेश के लिए सुनहरा अवसर: सेबी अधिकारी

सेबी के अधिकारी कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने भारतीय इक्विटी बाजार में हालिया सुधारों के चलते विदेशी निवेशकों के लिए सुनहरे अवसरों की बात की है। उन्होंने बताया कि वैश्विक अस्थिरता के कारण आई गिरावट ने भारतीय बाजार में निवेश के लिए आकर्षक वैल्यूएशन प्रदान किया है। वार्ष्णेय ने यह भी कहा कि रूसी निवेशक भारत में सहायक कंपनियां स्थापित कर सकते हैं और टेक्नोलॉजी-आधारित निवेश समाधान से लाभ उठा सकते हैं। जानें इस विषय में और क्या कहा गया है।
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भारतीय इक्विटी बाजार में निवेश के लिए सुनहरा अवसर: सेबी अधिकारी

भारतीय बाजार में निवेश का सुनहरा अवसर


सेबी के अधिकारी कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने हाल ही में कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार में हालिया सुधार के चलते वैल्यूएशन अब काफी आकर्षक हो गए हैं। उन्होंने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए इसे एक सुनहरा अवसर बताया। वैश्विक फंड, जिसमें रूसी निवेशक भी शामिल हैं, अब भारत में निवेश के लिए बेहतर स्थिति में हैं।


निवेश के लिए मजबूत अवसर

कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि हालिया बाजार सुधार ने विदेशी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न किया है। उन्होंने रूस-इंडिया फोरम में कहा कि वैश्विक अस्थिरता और पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आई गिरावट ने भारतीय इक्विटी में प्रवेश मूल्य को काफी सुधार दिया है। यह गिरावट दीर्घकालिक निवेशकों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।


बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट

पिछले महीने में बेंचमार्क सूचकांकों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिससे अल्पकालिक निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। फिर भी, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट भारतीय बाजार को दीर्घकालिक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बना रही है। विशेष रूप से, उभरते बाजारों में तेजी की तलाश कर रहे विदेशी फंडों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। वार्ष्णेय ने कहा कि नियामक विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बना रहा है।


रूसी निवेशकों के लिए नए अवसर

वर्तमान में, 23 रूसी संस्थाएं, जिनमें बैंक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं, भारत में एफपीआई के रूप में पंजीकृत हैं। सेबी अधिकारी ने बताया कि रूसी कंपनियां भारत में सहायक कंपनियां स्थापित कर सकती हैं और आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से पूंजी जुटा सकती हैं। कई मामलों में, भारत में सूचीबद्ध सहायक कंपनियों का मूल्यांकन उनकी विदेशी मूल कंपनियों से भी अधिक रहा है, जिससे भारत वैश्विक फंड जुटाने का एक मजबूत केंद्र बनता है।


टेक्नोलॉजी और जीआईएफटी सिटी पर ध्यान

सेबी बाजार सहभागियों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी-आधारित निवेश समाधान पेश कर रहा है, जिससे लागत कम होगी और भारतीय पूंजी बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इसी कार्यक्रम में एनएसई के सीबीडीओ श्रीराम कृष्णन ने सुझाव दिया कि रूसी कंपनियां जीआईएफटी सिटी में लिस्टिंग के विकल्प तलाश सकती हैं, जबकि रूसी बैंक वहां अपना परिचालन शुरू करने पर विचार कर सकते हैं।