भारतीय निर्यात में मजबूती: वैश्विक चुनौतियों के बीच सकारात्मक संकेत
भारत के निर्यात में निरंतरता
भारत के निर्यात ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अपनी गति बनाए रखी है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, 2025-26 में निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है। 31 मार्च तक के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि कई चुनौतियों के बावजूद निर्यात में कमी नहीं आई है। यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव जैसे मुद्दों के बावजूद भारत का वस्तु निर्यात स्थिर रहा है।
सरकार की नई कर्ज गारंटी योजना
केंद्र सरकार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए एक नई कर्ज गारंटी योजना लाने की योजना बना रही है। यह योजना उन कंपनियों को लक्षित करेगी जो आपूर्ति श्रृंखला में समस्याओं और बढ़ती लागत से जूझ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस योजना के तहत 2 से 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की कर्ज गारंटी प्रदान कर सकती है।
यह योजना कोविड महामारी के दौरान शुरू की गई आपातकालीन कर्ज गारंटी योजना के मॉडल पर आधारित होगी। वित्तीय सेवा विभाग इस पर काम कर रहा है और इसकी आधिकारिक घोषणा अगले 15 दिनों में की जा सकती है।
एमएसएमई और निर्यात क्षेत्र को राहत
सूत्रों के अनुसार, ईरान युद्ध का प्रभाव लघु, सूक्ष्म एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और निर्यात पर पड़ा है। निर्यात क्षेत्र में आवाजाही में रुकावट और बढ़ते मालभाड़े के कारण दबाव बढ़ रहा है। सरकार की नई योजना से छोटे उद्यमों को अपने व्यापार को बनाए रखने और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में मदद मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कंपनियों को विश्वास दिलाना है ताकि वे अनिश्चितता के बावजूद अपने कार्य जारी रख सकें। सरकार प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि पश्चिम एशिया संघर्ष का उनके उत्पादन पर कितना असर पड़ रहा है।
