भारतीय पायलटों के लिए सुरक्षा सलाह: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में उड़ान भरने से पहले सावधानी बरतें
अंतरराष्ट्रीय उड़ान मार्गों पर बढ़ता जोखिम
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय उड़ान मार्गों को अत्यधिक जोखिम में डाल दिया है। इस संकट के मद्देनजर, भारतीय पायलटों का प्रमुख संगठन 'एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन इंडिया' (ALPA India) ने मंगलवार को सभी लाइसेंसधारी पायलटों के लिए एक विस्तृत सलाह जारी की है। संगठन ने पायलटों से आग्रह किया है कि वे युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में उड़ान भरने से पहले सुरक्षा और बीमा कवर की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें।
पायलटों के लिए सलाह
इस सलाह में संगठन ने स्पष्ट किया है कि पायलटों को यह समझना चाहिए कि ऐसे क्षेत्रों में जोखिम तेजी से और बिना किसी चेतावनी के बदल सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के चलते यह सलाह जारी की गई है। 28 फरवरी से हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कई उड़ानें रद्द की गई हैं।
बीमा सुरक्षा पर ध्यान
पायलट संगठन ने बताया कि सदस्यों को विमानन बीमा से जुड़े संभावित प्रभावों, विशेषकर युद्ध जोखिम से संबंधित प्रावधानों पर ध्यान देना चाहिए। कुछ मामलों में, बीमा प्रदाता संघर्ष क्षेत्रों या उच्च जोखिम वाले हवाई क्षेत्रों में संचालन के लिए बीमा कवर को सीमित या वापस ले सकते हैं। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन इंडिया ने कहा कि पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में तेजी से बदलते और संभावित रूप से खतरनाक सुरक्षा हालात के कारण नागर विमानन संचालन के लिए जोखिम बढ़ गया है।
उड़ान से पहले की सावधानियां
इन जोखिमों में हवाई क्षेत्र का बंद होना, मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से हस्तक्षेप, और प्रभावित क्षेत्रों से गुजर रहे नागरिक विमानों की गलत पहचान की संभावना शामिल हैं। सलाह में कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में चालक दल के लिए उपलब्ध बीमा सुरक्षा की सीमा को लेकर अस्पष्टता हो सकती है। संगठन ने सभी पायलटों को सलाह दी है कि वे पश्चिम एशिया के तनावग्रस्त क्षेत्रों में जाने, वहां से आने या वहां से गुजरने के दौरान विशेष सतर्कता बरतें और उड़ान से पहले सभी परिचालन ब्रीफिंग, नोटिस टू एयरमेन (नोटैम) और कंपनी की सलाहों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें।
पेशेवर विवेक का उपयोग
संगठन ने पायलटों से कहा कि वे अपने पेशेवर विवेक का उपयोग करें, आवश्यकता पड़ने पर स्थापित माध्यमों से सुरक्षा संबंधी चिंताओं को उठाएं और प्रस्तावित उड़ान के लिए बीमा व युद्ध जोखिम सुरक्षा को लेकर अपने संचालक से स्पष्ट जानकारी प्राप्त करें। संगठन ने यह भी कहा कि भले ही विमानन कंपनियां नियामकीय अनुमति या परिचालन कारणों से कुछ हवाई क्षेत्रों में उड़ानों का संचालन जारी रखें, लेकिन पायलटों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इन क्षेत्रों में जोखिम का स्तर अचानक बदल सकता है।
