Newzfatafatlogo

भारतीय फिनटेक क्षेत्र में क्रेडिटबी का नया निवेश दौर

भारतीय फिनटेक कंपनी क्रेडिटबी ने नए निवेश के लिए प्रमुख फर्मों को आकर्षित किया है। यह फंडरेज़ 100 से 120 मिलियन डॉलर के बीच हो सकता है और कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ से पहले लाने की योजना है। जानें इस प्रक्रिया और कंपनी की वित्तीय स्थिति के बारे में, जो इसे भारतीय पूंजी बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बना सकती है।
 | 
भारतीय फिनटेक क्षेत्र में क्रेडिटबी का नया निवेश दौर

क्रेडिटबी में निवेश की संभावनाएं

भारतीय फिनटेक उद्योग में एक बार फिर गतिविधियाँ बढ़ती नजर आ रही हैं। हालिया जानकारी के अनुसार, डिजिटल लेंडिंग स्टार्टअप क्रेडिटबी में निवेश के लिए कई प्रमुख निवेश फर्म सक्रिय हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, हॉर्नबिल कैपिटल और जापान की एमयूएफजी द्वारा समर्थित ड्रैगन फंड्स जैसे निवेशक कंपनी में हिस्सेदारी लेने की संभावनाओं का पता लगा रहे हैं।


फंडरेज़ का आकार और प्रक्रिया

यह फंडरेज़ 100 से 120 मिलियन डॉलर के बीच हो सकता है और इसे कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ से पहले लाने की योजना है। यह राउंड मुख्य रूप से प्राइमरी होगा, हालांकि इसमें एक छोटा सेकेंडरी हिस्सा भी शामिल हो सकता है, जिसमें प्रारंभिक एंजेल निवेशक आंशिक एग्ज़िट पर विचार कर रहे हैं।


क्रेडिटबी का पूंजी जुटाने का प्रयास

यह 2023 के बाद क्रेडिटबी का पहला बड़ा पूंजी जुटाने का प्रयास है। जानकारों के अनुसार, इस डील के लिए बोलियां इसी महीने के अंत तक मांगी गई हैं और कम से कम तीन से चार फंड्स ने इसमें रुचि दिखाई है। डील के मौजूदा तिमाही के अंत तक समाप्त होने की संभावना है।


प्री-आईपीओ फंडरेज़ की तैयारी

इससे पहले सितंबर में यह जानकारी सामने आई थी कि कंपनी ने प्री-आईपीओ फंडरेज़ के लिए नोमुरा और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज को जिम्मेदारी सौंपी है। आईपीओ की तैयारी के तहत, क्रेडिटबी ने अपनी दो भारतीय इकाइयों का विलय किया है और मुख्यालय भारत में स्थानांतरित करने के लिए लगभग 100 मिलियन डॉलर का टैक्स भी चुकाया है।


कंपनी की वित्तीय स्थिति

कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो FY24 में इसका शुद्ध मुनाफा बढ़कर 285 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि राजस्व में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्रेडिटबी व्यक्तिगत ऋण, चेकआउट फाइनेंस और डिजिटल गोल्ड जैसे उत्पाद प्रदान करती है और इसके लाखों सक्रिय ग्राहक देशभर में फैले हुए हैं। यदि आईपीओ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार में उतरने वाली अगली प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल हो सकती है।