भारतीय विमानन क्षेत्र में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर
वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता का प्रभाव
वैश्विक ऊर्जा बाजार में चल रही अस्थिरता और पश्चिम एशिया के संकट का प्रभाव अब भारतीय विमानन उद्योग पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में 5.33 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह लगातार दूसरा महीना है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है।
नई दरें और उनके प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नई दरें
तेल कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमत अब 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गई है। यह पिछले रेट की तुलना में 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर की वृद्धि है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1 अप्रैल को कीमतों में 25 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई थी, जिससे कीमतें 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई थीं।
विमान ईंधन की कीमतें दो दशकों से अधिक समय से विनियमित हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
सरकार का निर्णय
पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी को देखते हुए, सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। उद्योग के सूत्रों के अनुसार, विदेशी विमानन कंपनियों को बाजार दरों पर ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि घरेलू विमानन कंपनियों के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया है।
