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भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों की बढ़त से तेजी, सेंसेक्स में 382 अंक की वृद्धि

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को आईटी शेयरों में बढ़त के चलते तेजी का अनुभव किया, जिसमें सेंसेक्स 382 अंक की वृद्धि के साथ 74,649.84 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 100.95 अंक की बढ़त के साथ 23,483.55 पर रहा। आईटी क्षेत्र ने बाजार में प्रमुख भूमिका निभाई, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में गिरावट देखी गई। एनवीडिया के संस्थापक के बयान ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया, जिससे आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी। जानें और क्या हुआ इस दिन के कारोबार में।
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भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों की बढ़त से तेजी, सेंसेक्स में 382 अंक की वृद्धि

शेयर बाजार में तेजी का माहौल


मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने आईटी शेयरों में आई बड़ी बढ़त के चलते सकारात्मकता के साथ कारोबार समाप्त किया। सेंसेक्स 382.50 अंक या 0.52 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 74,649.84 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 100.95 अंक या 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,483.55 पर रहा।


आईटी शेयरों का प्रभाव

आईटी क्षेत्र ने बाजार में तेजी का नेतृत्व किया, जहां निफ्टी आईटी में 4.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अन्य क्षेत्रों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.30 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.76 प्रतिशत, और निफ्टी कंजप्शन 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।


हालांकि, निफ्टी फार्मा 0.86 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.68 प्रतिशत, और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में रहे।


सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स में टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा और टाइटन जैसे शेयरों ने शीर्ष गेनर्स के रूप में प्रदर्शन किया। वहीं, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व ने शीर्ष लूजर्स के रूप में काम किया।


मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 114.05 अंक या 0.19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 60,942.00 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 72.50 अंक या 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,052.30 पर बंद हुआ।


एनवीडिया के संस्थापक का बयान

बाजार में तेजी का एक कारण एनवीडिया के संस्थापक जेन्सेन हुआंग का बयान माना जा रहा है। उन्होंने जीटीसी ताइपे 2026 इवेंट में कहा कि एआई के आगमन से सॉफ्टवेयर कंपनियों की आवश्यकता समाप्त नहीं होगी, बल्कि उनकी नियुक्तियों में वृद्धि होगी।


हुआंग के इस बयान ने उस बहस को समाप्त कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि एआई के आने से सॉफ्टवेयर कंपनियों का काम खत्म हो जाएगा। इससे निवेशकों के मनोबल में सुधार हुआ और आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी।