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भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: सेंसेक्स और निफ्टी में मुनाफावसूली का असर

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की, लेकिन मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई। रुपये की कमजोरी और बढ़ती तेल कीमतें भी बाजार पर दबाव डाल रही हैं। जानें इस उतार-चढ़ाव के पीछे के कारण और विशेषज्ञों की राय।
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भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: सेंसेक्स और निफ्टी में मुनाफावसूली का असर

शेयर बाजार की मजबूती और मुनाफावसूली


बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक सकारात्मक शुरुआत की, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। हालांकि, जैसे-जैसे दिन बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे शुरुआती तेजी में कमी आई। फिर भी, बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस बीच, रुपये में गिरावट जारी रही, जो डॉलर के मुकाबले नए निम्न स्तर पर पहुंच गया, जिसने बाजार की दिशा को प्रभावित किया।


बाजार में शुरुआती तेजी और बाद की गिरावट

कारोबार की शुरुआत में, सेंसेक्स ने लगभग 929 अंकों की बढ़त के साथ 77,000 के स्तर को पार किया। निफ्टी भी 23,800 के ऊपर कारोबार कर रहा था, लेकिन दोपहर तक बाजार की तेजी धीमी पड़ गई। लगभग 2:45 बजे, सेंसेक्स 700 से अधिक अंकों की बढ़त के साथ 76,800 के आसपास रहा, जबकि निफ्टी 23,700 के ऊपर बना रहा।


मुनाफावसूली का मुख्य कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली थी। इस कारण निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा और शुरुआती बढ़त पूरी तरह से कायम नहीं रह सकी।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली का प्रभाव

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। मंगलवार को उन्होंने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली का आंकड़ा काफी बड़ा हो चुका है, जिससे बाजार की मजबूती पर असर पड़ रहा है।


रुपये की कमजोरी और तेल की कीमतों का प्रभाव

इस बीच, भारतीय रुपये ने कमजोरी का नया रिकॉर्ड बनाया और यह 92.62 प्रति डॉलर तक गिर गया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय हैं, जिससे बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों पर दबाव बना हुआ है।