भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स और निफ्टी में सुधार
गुरुवार का बाजार सत्र
भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन अंत में तेजी के साथ बंद हुआ।
कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में मजबूती की रिकवरी देखी गई। सेंसेक्स ने इंट्रा-डे लो 71,545 अंक से 1,774 अंक की बढ़त हासिल की।
दिन के अंत में, सेंसेक्स 185.23 अंक या 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 73,319.55 पर बंद हुआ।
निफ्टी ने इंट्रा-डे लो 22,182 से 531 अंक की रिकवरी की और 33.70 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,713.10 पर समाप्त हुआ।
बाजार में तेजी का कारण
बाजार में तेजी का मुख्य कारण आईटी शेयरों में मजबूती थी। निफ्टी आईटी 2.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। अन्य क्षेत्रों में निफ्टी रियल्टी 1.07 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.54 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.39 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.39 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बंद हुए।
हालांकि, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.93 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.92 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 0.86 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.79 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.62 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में रहे।
सेंसेक्स पैक में प्रमुख कंपनियाँ
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, टाइटन, एक्सिस बैंक, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इंडिगो, एलएंडटी और एसबीआई जैसे शेयरों में बढ़त देखी गई।
वहीं, एशियन पेंट्स, इटरनल, सन फार्मा, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी
लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 142.10 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,677.05 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 59.30 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,650.50 पर बंद हुआ।
एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख सन्नी अग्रवाल ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान पर संभावित हमलों की आशंका जताने वाले ट्वीट के बाद भारतीय सूचकांकों में भारी गिरावट आई थी। हालांकि, बाद में मूल्य आधारित खरीदारी और रुपए में मजबूती के कारण बाजार में सुधार हुआ।
