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भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। निवेशकों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और विदेशी बिकवाली के कारण सतर्कता बनी रही। जानें किस क्षेत्र में दबाव था और वैश्विक बाजारों का क्या असर पड़ा।
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भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

भारतीय शेयर बाजार का हाल

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख सूचकांक अंततः लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते सतर्कता बनी रही।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 141.90 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,867.80 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 76,224.68 का उच्चतम स्तर और 75,748.21 का न्यूनतम स्तर भी छुआ। पूरे दिन में बाजार में लगभग 476 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।


वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जो 6.55 अंक यानी 0.03 प्रतिशत फिसलकर 23,907.15 अंक पर पहुंच गया।


कंपनियों का प्रदर्शन

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 10 कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। बाजार में सबसे अधिक दबाव बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र के शेयरों पर देखा गया।


गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। दूसरी ओर, पावर ग्रिड, इटरनल, एनटीपीसी और टाटा स्टील के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

वैश्विक बाजारों में भी निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन ठोस समझौता अभी तक नहीं हुआ है। इस कारण निवेशकों ने बड़े जोखिम लेने से परहेज किया है।


विशेषज्ञों की राय

ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर का कहना है कि बाजार फिलहाल सतर्कता की स्थिति में है। उनके अनुसार, कूटनीतिक बातचीत से घबराहट कम हुई है, लेकिन स्पष्ट नतीजे न आने से निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से मजबूत नहीं हो पाया।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 3.24 प्रतिशत गिरकर 96.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत का संकेत है।


एशियाई बाजारों का प्रदर्शन

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट में रहे। यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान सकारात्मक माहौल देखा गया।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी भारतीय बाजार पर दबाव का एक बड़ा कारण बनी हुई है। विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को 2,407.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


आने वाले दिनों की संभावनाएं

मंगलवार को भी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। सेंसेक्स 479.26 अंक गिरकर 76,009.70 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 118 अंक गिरकर 23,913.70 अंक पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।