भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का चौथा दिन, निवेशकों की चिंता बढ़ी
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चौथे दिन गिरावट का सामना किया, जो अमेरिकी टैरिफ और विदेशी निवेश की वापसी के कारण निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता का परिणाम है। सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 प्रतिशत की कमी के साथ 84,180.96 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,876.85 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान धातु, तेल और गैस तथा आईटी शेयरों में व्यापक बिकवाली देखी गई।
निवेशकों की सतर्कता और बाजार की स्थिति
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ के प्रति नई चिंताओं और विदेशी निवेश की वापसी के कारण निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है, जिससे घरेलू बाजारों में गिरावट जारी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक कीमतों में गिरावट के चलते धातु शेयरों में मुनाफावसूली हुई, जबकि वेनेजुएला-अमेरिका संकट के कारण तेल और गैस शेयरों में भी गिरावट आई।
आर्थिक वृद्धि के संकेत
भारत के 2025-26 के पहले अग्रिम जीडीपी अनुमानों ने विनिर्माण क्षेत्र में सुधार और सेवाओं के मजबूत प्रदर्शन के चलते सकारात्मक वृद्धि के संकेत दिए हैं। विनोद नायर ने कहा कि निकट भविष्य में बाजार सतर्क रहने की संभावना है, जो तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिकी टैरिफ से संबंधित घटनाक्रमों से प्रभावित होगा।
बाजार में घबराहट का संकेत
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे ने बताया कि भारत के वीआईएक्स में वृद्धि बाजार प्रतिभागियों के बीच बढ़ती घबराहट का संकेत है। उन्होंने कहा कि निफ्टी के 26,000 के ऊपर वापस न जाने तक निकट भविष्य में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। गिरावट की स्थिति में, सूचकांक 25,700 और 25,550 तक गिर सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के कारण निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई।
