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भारतीय शेयर बाजार में नए साल की शुरुआत में उतार-चढ़ाव

नए वर्ष की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने बाजार को प्रभावित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी में गिरावट की संभावना है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में खरीदारी के अवसर भी मौजूद हैं। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और भविष्य की संभावनाएं।
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भारतीय शेयर बाजार में नए साल की शुरुआत में उतार-चढ़ाव

मुंबई में शेयर बाजार की स्थिति

मुंबई: नए वर्ष की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी और नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर बिकवाली, थिन मार्केट इक्विडिटी, मुनाफाखोरी, और रुपये की कमजोरी ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। निवेशकों में सतर्कता देखी गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में सीमित खरीदारी जारी रही। इस स्थिति ने पहले कारोबारी दिन को अस्थिर बना दिया।


सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति

सेंसेक्स ने दिन की उच्चतम स्थिति से 200 अंकों की गिरावट देखी और निफ्टी 26,150 के नीचे कारोबार कर रहा था। सुबह 11:44 बजे सेंसेक्स 34.99 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 85,255.59 पर था, जबकि निफ्टी 16.15 अंकों की हल्की तेजी के साथ 26,145.75 पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान लगभग 1,962 शेयरों में बढ़त, 1,564 शेयरों में गिरावट और 166 शेयर स्थिर रहे।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को 3,597.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो लगातार सातवें सत्र में बिकवाली का संकेत है। दिसंबर 2025 में FIIs कुल 34,349.62 करोड़ रुपये के नेट विक्रेता रहे। इस बिकवाली ने पहले कारोबारी दिन में दबाव बनाए रखा।


थिन मार्केट इक्विडिटी और मुनाफाखोरी

नए साल की छुट्टियों के कारण अमेरिका, यूरोप और एशिया के अधिकांश प्रमुख बाजार बंद रहे, जिससे वैश्विक तरलता सीमित रही। निवेशक सतर्क रहे और कई क्षेत्रों में मुनाफाखोरी हुई। विशेष रूप से एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में दबाव देखा गया। सिगरेट कंपनियों पर नई उत्पाद शुल्क बढ़ने के बाद ITC और Godfrey Phillips के शेयरों में गिरावट आई।


साप्ताहिक डेरिवेटिव्स समाप्ति और रुपये का प्रभाव

गुरुवार को 2026 के पहले साप्ताहिक डेरिवेटिव्स का समापन हुआ। एक्सपायरी के दिन अक्सर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं क्योंकि व्यापारी अपनी पोजीशन बंद या रॉल ओवर करते हैं। साथ ही रुपये में 11 पैसे की गिरावट दर्ज की गई और यह 89.99 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था। रुपये की कमजोरी ने बाजार की निगेटिव नेचर को और बढ़ा दिया।


तकनीकी दृष्टिकोण और भविष्य की उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी ने 26,027 स्तर पार कर शुरुआत में तेजी दिखाई, लेकिन सुबह की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया। तकनीकी विश्लेषक बताते हैं कि 26,100 के आसपास समर्थन स्तर देखा जा रहा है और यदि यह टूटता है तो आगे निफ्टी में और गिरावट हो सकती है। हालांकि, कुछ चुनिंदा खरीदारी के अवसर भी बने रहेंगे, जिससे बाजार में सीमित सुधार की संभावना है।