भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को 9 लाख करोड़ का नुकसान
शेयर बाजार में गिरावट का सामना
सोमवार, 9 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक बुरा दिन साबित हुआ। इस दिन सेंसेक्स में 1353 अंकों की भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को एक ही दिन में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सेंसेक्स ने 77,056 के स्तर से शुरुआत की और दिन के अंत में 1.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,566 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 ने 23,868 पर ओपनिंग ली और 1.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,028 पर समाप्त हुआ। इस गिरावट का मतलब है कि अधिकांश शेयरों के दाम गिरे, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
मिडिल ईस्ट में संघर्ष का प्रभाव
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है, महंगे तेल के कारण सामान की खरीद-फरोख्त में कठिनाई का सामना कर रहा है। इससे कंपनियों के मुनाफे में कमी आई है और महंगाई बढ़ी है। इस स्थिति ने निवेशकों को बेचने के लिए मजबूर किया, जिससे बाजार में गिरावट आई।
निवेशकों का बड़ा नुकसान
बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप पिछले हफ्ते के 450 लाख करोड़ रुपये से घटकर 441 लाख करोड़ रुपये रह गई। इस प्रकार, एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
कुछ शेयरों में वृद्धि
हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में वृद्धि भी देखी गई। विप्रो के शेयरों में 1.72% की बढ़ोतरी हुई। रिलायंस, अपोलो हॉस्पिटल और इंफोसिस में भी मामूली बढ़त रही।
लेकिन नुकसान उठाने वाले शेयरों की सूची काफी लंबी रही। टाटा मोटर्स के शेयरों में 5.35% की गिरावट आई। इसके अलावा, अल्ट्राटेक सीमेंट, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी और बजाज ऑटो जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी 4 से 5 प्रतिशत तक की कमी आई।
