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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को हुआ 10 लाख करोड़ का नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को लगभग 10.12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट के पीछे वैश्विक ट्रेड वॉर का डर और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मुख्य कारण रहे। जानें इस गिरावट के अन्य कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को हुआ 10 लाख करोड़ का नुकसान

शेयर बाजार में मची हलचल


नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 20 जनवरी को एक बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1065 अंकों की कमी के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 353 अंकों की गिरावट के साथ 25,232.50 पर पहुंच गया। इंट्राडे में सेंसेक्स 1200 अंक और निफ्टी 400 अंक तक नीचे चला गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों को लगभग 10.12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।


निवेशकों को बड़ा झटका

सोमवार को बीएसई का मार्केट कैप 465.68 लाख करोड़ रुपये था, जो मंगलवार को घटकर 455.72 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। एक ही दिन में 10.12 लाख करोड़ रुपये का बाजार से गायब होना एक बड़ा झटका है। बीएसई के टॉप 30 शेयरों में केवल HDFC Bank ही हरे निशान में रहा, जबकि बाकी 29 शेयर लाल निशान पर बंद हुए।


गिरावट वाले प्रमुख शेयर

जोमैटो के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट आई। बजाज फाइनेंस, सनफार्मा, इंडिगो, रिलायंस और टीसीएस जैसे बड़े शेयर भी प्रभावित हुए। आईटी सेक्टर में विशेष रूप से भारी बिकवाली देखी गई, जिसमें विप्रो 3% और एलटीआईमाइंडट्री 6% तक टूट गए।


सभी सेक्टरों में गिरावट

एनएसई पर सभी सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक 5% से अधिक की कमी आई। ऑटो सेक्टर 2.5%, फाइनेंशियल सेक्टर 1.4% और अन्य सेक्टर लगभग 1% तक नीचे आए। निफ्टी बैंक में भी 487 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।


गिरावट के कारण

ग्लोबल मार्केट में ट्रेड वॉर का डर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर आठ यूरोपीय देशों (जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन आदि) पर 10% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। फ्रांस पर 200% टैरिफ की बात भी की गई है। इससे वैश्विक सेंटिमेंट प्रभावित हुआ और भारतीय बाजार पर इसका असर पड़ा। विदेशी निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। सोमवार को ही 3,263 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए।


सोने की कीमत पहली बार $4,700 प्रति औंस के पार पहुंच गई और चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की। निवेशक अब इक्विटी से निकलकर गोल्ड-सिल्वर में निवेश कर रहे हैं। यह गिरावट लगातार दूसरे दिन की है, और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रेड वॉर, FII बिकवाली और वैश्विक तनाव से निवेशक सतर्क हैं।