भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान
बाजार में गिरावट का सामना
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ी गिरावट देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1123 अंकों की कमी के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 में 385 अंकों की गिरावट आई। इस दिन निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बाजार पूंजीकरण में कमी
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य पिछले सत्र में 457 लाख करोड़ रुपये से घटकर 447 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका अर्थ है कि एक ही दिन में बाजार से बड़ी राशि निकल गई। इस स्थिति ने निवेशकों में घबराहट पैदा की और बिकवाली में तेजी आई।
अंतरराष्ट्रीय तनाव का प्रभाव
बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बाद ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच स्थिति और बिगड़ गई है। दोनों पक्षों के बीच हमलों की खबरों ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। अनिश्चितता के इस माहौल में लोग जोखिम लेने से बचते हैं, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।
रुपये की कमजोरी
बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 68 पैसे कमजोर होकर 92.15 पर बंद हुआ। रुपये की इस कमजोरी के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हो जाते हैं और कई बार अपना पैसा बाजार से निकाल लेते हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ता है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। *Brent Crude* 82 डॉलर प्रति बैरल और *WTI Crude* 75 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी आवश्यकताओं का अधिकांश तेल आयात करता है, महंगा तेल देश में महंगाई और खर्च दोनों को बढ़ाता है।
शेयरों की स्थिति
निफ्टी 50 में कोल इंडिया, भारती एयरटेल और इंफोसिस जैसे शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। वहीं, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, जेएसडब्ल्यू स्टील और एलएंडटी के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और आर्थिक चिंताओं ने बाजार की गति को रोक दिया है।
