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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों में चिंता का माहौल

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिसमें BSE Sensex 1,000 से अधिक अंक गिर गया। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तनाव और घरेलू खपत में कमी की अपील है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों ने भी निवेशकों की चिंताओं को बढ़ाया है। जानें कौन से शेयर प्रभावित हुए और बाजार की वर्तमान स्थिति क्या है।
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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों में चिंता का माहौल

सोमवार को बाजार में गिरावट

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। शुरुआती कारोबार में ही BSE Sensex में 1,000 से अधिक अंकों की गिरावट आई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। NSE Nifty भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तनाव और घरेलू खपत में कमी की अपील मानी जा रही है।


सुबह लगभग 9:39 बजे, BSE Sensex 1,016.62 अंक गिरकर 76,311.57 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty50 297 अंक गिरकर 23,879.15 पर कारोबार कर रहा था.


बिकवाली का कारण

सभी सेक्टरों में बिकवाली का व्यापक असर देखा गया। बैंकिंग, एविएशन, ज्वेलरी और उपभोक्ता से जुड़े शेयरों पर भारी दबाव पड़ा, जो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभाव को लेकर चिंताओं के कारण था.


बाजार की गिरावट के कारण

पश्चिम एशिया में संकट के चलते अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर से $105 प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गईं।


इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील पर निवेशकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने और सोने, खाने के तेल और रासायनिक उर्वरकों जैसे आयात पर निर्भरता कम करने का आग्रह किया था.


विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों का कहना है कि इन टिप्पणियों से यह संकेत मिलता है कि सरकार के भीतर भारत के आयात बिल और चालू खाता घाटे को लेकर चिंता बढ़ रही है, खासकर जब कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.


वी.के. विजयकुमार ने बताया कि बाजार इस समय दो बड़ी बाधाओं का सामना कर रहा है। पहली, पश्चिम एशिया संकट का समाधान जो राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के पत्र को खारिज किए जाने के बाद टल गया है।


कौन से शेयर प्रभावित हुए?

शुरुआती कारोबार में कई Nifty50 शेयरों में कमजोरी देखी गई। Titan, जो सोने की मांग में कमी के कारण 5.6% गिरकर 4,256.50 रुपये पर आ गया।


State Bank of India 3% गिरकर 988.70 रुपये पर पहुंच गया, जबकि IndiGo की मूल कंपनी InterGlobe Aviation 3.55% गिरकर 4,362 रुपये पर आ गई।


Bharti Airtel, Maruti Suzuki, और Bajaj Auto जैसे शेयरों में भी गिरावट आई।


बाजार का व्यापक माहौल

बाजार का माहौल कमजोर बना रहा; मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि, कुछ डिफेंसिव सेक्टरों ने मजबूती दिखाई।


Tata Consumer Products 3.72% बढ़कर 1,220 रुपये पर पहुंच गया।


निवेशकों की चिंता

विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई हैं।


निवेशक अब कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और आयात प्रबंधन पर बारीकी से नजर रखेंगे.