मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए नई रेल सेवाओं की शुरुआत
रेल मंत्री की नई घोषणाएं
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पश्चिम बंगाल से गुजरात तक प्रस्तावित नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेल मंत्री ने मध्य प्रदेश को दो नई ट्रेनों की सौगात दी, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर इस कार्यक्रम में भाग लिया।
नई ट्रेन सेवाओं का उद्घाटन
रेल मंत्री ने भोपाल-धनबाद-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस और भोपाल-चोपन-भोपाल साप्ताहिक एक्सप्रेस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ये नई ट्रेनें मध्य प्रदेश और आस-पास के राज्यों के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाएंगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला भी उपस्थित थे।
रेल संपर्क में सुधार
एक अधिकारी ने बताया कि इन नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत यात्रियों की सुविधा और मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और झारखंड के लिए सीधा संपर्क बढ़ाने की मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है। वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में मध्य प्रदेश में रेलवे का अभूतपूर्व विकास हुआ है।
भविष्य की परियोजनाएं
उन्होंने बताया कि इस अवधि में लगभग 48,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें इंदौर-मनमाड नई रेलवे लाइन, भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन परियोजना, और प्रयागराज-मानिकपुर तीसरी लाइन परियोजना शामिल हैं।
नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का महत्व
वैष्णव ने कहा कि नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से गुजरते हुए दानकुनी से सूरत तक है। यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री यादव ने नई ट्रेन सेवा की शुरुआत पर खुशी व्यक्त की और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार बताया। उन्होंने कहा कि यह सेवा झारखंड और बिहार के साथ सीधा रेल संपर्क स्थापित करेगी, जिससे तीनों राज्यों के निवासियों को लाभ होगा।
