महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस को वैकल्पिक बनाया
महाराष्ट्र सरकार का नया निर्णय
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (Revised NPS) को वैकल्पिक बनाने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक आधिकारिक परिपत्र में इस योजना के कार्यान्वयन और चयन की प्रक्रिया का विवरण साझा किया गया है। यह नई व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए है जो पुरानी एनपीएस के बजाय नए ढांचे में शामिल होना चाहते हैं.
संशोधित एनपीएस का कार्यान्वयन
परिपत्र में उन सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस के कार्यान्वयन की प्रक्रिया बताई गई है जो इसे अपनाने का विकल्प चुनते हैं। यह योजना केवल उन्हीं पर लागू होगी जो निर्धारित समयसीमा के भीतर विकल्प का प्रयोग करेंगे। सरकार ने पहले पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक संशोधित योजना में शामिल होने का विकल्प देने की अनुमति दी थी.
पेंशन की नई व्यवस्था
सरकार की वेबसाइट पर जारी नए परिपत्र के अनुसार, निर्धारित आयु में सेवानिवृत्त होने वाले और 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। 10 से 20 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन, अंतिम वेतन के आधार पर सेवा अवधि के अनुपात में तय की जाएगी.
पेंशन की न्यूनतम सीमा
सरकार ने संशोधित योजना के तहत कम से कम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की है। वहीं, 10 वर्ष से कम सेवा देने वाले कर्मचारी पेंशन लाभ के पात्र नहीं होंगे.
पारिवारिक पेंशन और अन्य प्रावधान
परिपत्र के अनुसार, परिवार पेंशन के रूप में स्वीकृत पेंशन का 60 प्रतिशत महंगाई राहत के साथ दिया जाएगा। इसके अलावा, यह अनिवार्य किया गया है कि संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से प्राप्त कुल संचित राशि का 60 प्रतिशत सरकार के पास जमा करना होगा.
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
परिपत्र में कहा गया है कि एनपीएस कोष से पहले की गई किसी भी निकासी को संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करना होगा। सेवा से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी संशोधित योजना के तहत पेंशन के पात्र नहीं होंगे और उन्हें केवल मौजूदा एनपीएस के तहत ही लाभ मिलेगा.
शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों पर प्रभाव
परिपत्र में उल्लेखित प्रावधान आवश्यक संशोधनों के साथ सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और संबद्ध गैर-सरकारी महाविद्यालयों के कर्मचारियों तथा जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे. वित्त विभाग ने कहा कि संशोधित योजना के तहत पेंशन के वितरण के लिए अलग से विस्तृत प्रक्रिया जारी की जाएगी.
