मारुति सुजुकी का लाभ वित्त वर्ष 2025-26 में गिरा, लेकिन बिक्री में वृद्धि
मारुति सुजुकी का वित्तीय प्रदर्शन
देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 6.45 प्रतिशत की कमी के साथ 3,659 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3,911.1 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने बताया कि शुद्ध लाभ में कमी का मुख्य कारण 'मार्क-टू-मार्केट' प्रभाव है। इसके अलावा, गैर-परिचालन आय में कमी आई है, जो बॉंड प्रतिफल में बदलाव के कारण हुई है, लेकिन इसे भविष्य में पूरा किया जा सकता है।
मार्क-टू-मार्केट की प्रक्रिया
मार्क-टू-मार्केट एक ऐसी विधि है जिसके तहत परिसंपत्तियों का मूल्यांकन उनके मौजूदा बाजार मूल्य पर किया जाता है, न कि उनकी मूल खरीद मूल्य पर। यह वित्तीय स्थिति का वास्तविक समय में 'उचित मूल्य' प्रदान करता है।
कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया कि चौथी तिमाही में परिचालन आय 28.2 प्रतिशत बढ़कर 52,462.5 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 40,920.1 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही में कुल खर्च 48,125.3 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 37,585.5 करोड़ रुपये था।
बिक्री में वृद्धि
चौथी तिमाही में शुद्ध बिक्री पहली बार 50,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई। कंपनी ने 6,76,209 इकाइयों की अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11.8 प्रतिशत अधिक है।
मारुति सुजुकी ने बताया कि घरेलू बिक्री 5,38,994 इकाई रही और निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर 1,37,215 इकाई पर पहुंच गया। निदेशक मंडल ने वर्ष के लिए 140 रुपये प्रति शेयर का रिकॉर्ड लाभांश घोषित किया है, जबकि पिछले वर्ष यह 135 रुपये प्रति शेयर था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 का समग्र प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 2024-25 के 14,500.2 करोड़ रुपये की तुलना में 1.24 प्रतिशत बढ़कर 14,679.5 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान परिचालन आय 1,83,316 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष यह 1,52,913 करोड़ रुपये थी।
2025-26 में वाहनों की कुल बिक्री 24,22,713 इकाई रही, जो 2024-25 में 22,34,266 इकाई थी। घरेलू बिक्री 19,74,939 इकाई रही, जबकि निर्यात 3,32,585 इकाई से बढ़कर 4,47,774 इकाई हो गया।
