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मार्च में एसआईपी के जरिए इक्विटी फंड्स में रिकॉर्ड निवेश

मार्च 2026 में एसआईपी के जरिए इक्विटी फंड्स में निवेश ने पिछले आठ महीनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस दौरान निवेशकों ने 40,450.26 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। जानें किस प्रकार विभिन्न श्रेणियों में निवेश में वृद्धि हुई और भारतीय शेयर बाजार ने कैसे शानदार प्रदर्शन किया। इस लेख में निवेश के नए रुझानों और बाजार की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई है।
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मार्च में एसआईपी के जरिए इक्विटी फंड्स में रिकॉर्ड निवेश

मार्च में निवेश का नया रिकॉर्ड


मार्च में टूटा पिछले आठ माह का रिकॉर्ड, निवेशकों का शुद्ध निवेश 40,450.26 करोड़ रुपए पहुंचा


SIP Equity Funds: मार्च में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में हलचल के बावजूद, म्यूचुअल फंड निवेशकों ने सुरक्षित फंड्स से बाहर निकलकर इक्विटी फंड्स में निवेश करने का निर्णय लिया।


इसका परिणाम यह हुआ कि मार्च में इक्विटी फंड्स में निवेश ने पिछले आठ महीनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च में सक्रिय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में शुद्ध निवेश 40,450.26 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।


जुलाई 2025 के बाद सबसे अधिक निवेश

यह आंकड़ा जुलाई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। फरवरी में यह 25,977.81 करोड़ रुपये था। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मार्च में एसआईपी का योगदान 32,087 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो फरवरी के 29,845 करोड़ रुपये से अधिक है। यह खुदरा निवेशकों की लगातार भागीदारी को दर्शाता है। हालांकि, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग से मार्च में 2.39 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। फरवरी में इसमें 94,530 करोड़ रुपये का निवेश आया था।


इक्विटी में विभिन्न श्रेणियों का प्रदर्शन

इक्विटी श्रेणी के सभी खंडों में निवेश में वृद्धि देखी गई। फ्लेक्सी-कैप फंड्स में मार्च में 10,054.12 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। मिड-कैप में 6,063.53 करोड़ रुपये और स्मॉल-कैप में 6,263.56 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लार्ज-कैप फंड्स में 2,997.84 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में 2,698.82 करोड़ रुपये का स्थिर निवेश देखा गया।


शेयर बाजार का शानदार प्रदर्शन

भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह शानदार प्रदर्शन किया है। पूरे सप्ताह में केवल एक दिन ही शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, जो गुरुवार को था। लेकिन शुक्रवार को, सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, शेयर बाजार ने पिछली गिरावट को भुलाते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दिन का समय समाप्त होने पर सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले पश्चिम एशिया संकट में नरमी आने की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का मनोबल बढ़ा है।


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