मुंबई में बिजली सुरक्षा के लिए अदाणी की नई पारेषण लाइन का सफल संचालन
मुंबई की बिजली सुरक्षा में नया मील का पत्थर
मुंबई, जो देश की आर्थिक राजधानी है, ने बिजली सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) की एक शाखा, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (AEMIL), ने कुदुस और आरे के बीच 1,000 मेगावाट की पारेषण लाइन का सफलतापूर्वक संचालन शुरू कर दिया है। यह परियोजना न केवल मुंबई के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर बिजली तकनीक में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एचवीडीसी पारेषण लाइन की विशेषताएँ
एईएसएल ने एक बयान में बताया कि इस ‘हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट’ (एचवीडीसी) पारेषण लाइन में 30 किलोमीटर की ओवरहेड लाइन और 50 किलोमीटर की भूमिगत तारे शामिल हैं। इसमें दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट एचवीडीसी सबस्टेशन भी शामिल है। यह लाइन मुंबई और उसके महानगर क्षेत्र (एमएमआर) को शहर के बाहर से अधिक बिजली प्राप्त करने में सक्षम बनाती है, जिसमें अन्य क्षेत्रों से उत्पन्न नवीकरणीय ऊर्जा भी शामिल है।
बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम होगी
इस नई 1,000 मेगावाट क्षमता से शहर के भीतर बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम होगी, जिससे ग्रिड की मजबूती बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर बिजली बाधित होने का जोखिम घटेगा। इस परियोजना में वोल्टेज सोर्स कन्वर्टर (वीएससी) आधारित एचवीडीसी प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है।
प्रमुख अधिकारियों के बयान
एईएस के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, 'यह अब तक शुरू की गई सबसे बड़ी एचवीडीसी परियोजनाओं में से एक है, जो उन्नत वीएससी-आधारित एचवीडीसी प्रौद्योगिकी से संचालित है। यह परियोजना ग्रिड स्थिरता को बढ़ाती है, मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम करती है और शहर की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करती है।' हिताची एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ एन. वेणु ने कहा, 'मुंबई एचवीडीसी सिटी परियोजना का संचालन शुरू होना हमारे लिए गर्व का क्षण है।'
