राजस्थान में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों की घोषणा
राजस्थान सरकार की नई पहल
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निवेशक-अनुकूल नीतियों पर काम कर रही है। उनका उद्देश्य व्यापार करने में आसानी और बुनियादी ढांचे को सुधारना है।
प्रौद्योगिकी आधारित निवेश को आकर्षित करना
मुख्यमंत्री ने जयपुर में कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान बताया कि वैश्विक क्षमता केंद्र, डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता-मशीन लर्निंग (एआई-एमएल) से संबंधित नीतियों को लागू किया गया है।
डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन चार जनवरी से जयपुर प्रदर्शनी और कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा, जिसमें 10,000 से अधिक प्रतिभागियों, 500 निवेशकों और 300 प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है।
राज्य में निवेश के अवसर
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का आग्रह किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और उनकी आवश्यकताओं को समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा, 'राजस्थान में निवेश के लिए कई अवसर हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से आठ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है, जो राज्य में निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।'
राजस्थान का वैश्विक लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को प्रौद्योगिकी और नवाचार में वैश्विक अग्रणी बनाना है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि 7,000 से अधिक सूचना प्रौद्योगिकी स्टार्टअप राज्य की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली को मजबूत कर रहे हैं।
