राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी के आरोपों का कंपनी ने दिया जवाब
राजेश एक्सपोर्ट्स का स्पष्टीकरण
राजेश एक्सपोर्ट्स प्रकरण ने देश के पूंजी बाजार में हलचल मचा दी है। कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, राजेश मेहता ने हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी ने कोई गलती नहीं की है और सभी वित्तीय आंकड़े सही हैं।
सेबी के आदेश और आरोप
सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था। इस आदेश में वित्तीय आंकड़ों की गलत प्रस्तुति, धन के प्रवाह में अनियमितता और जांच में सहयोग न करने के आरोप लगाए गए थे। इसके साथ ही, राजेश मेहता को कंपनी के शेयरों में लेनदेन करने से रोक दिया गया और फोरेंसिक लेखा परीक्षण कराने का निर्देश दिया गया।
कंपनी का स्पष्टीकरण
राजेश मेहता ने कहा कि सेबी समेकित राजस्व और मूल्य संवर्धन से संबंधित आंकड़ों को लेकर भ्रमित हो गया है। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड में स्थित उनकी सहायक कंपनी, वालकांबी, सोने की खरीद, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का कार्य करती है। मेहता का कहना है कि कंपनी ने समेकित कुल राजस्व के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, जबकि नियामक ने केवल मूल्य संवर्धन के आंकड़ों को ध्यान में रखा।
राजस्व का दावा
राजेश मेहता ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच कंपनी ने लगभग 15.5 लाख करोड़ रुपये का समेकित राजस्व दर्ज किया है, जो पूरी तरह सही है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी द्वारा घोषित किसी भी राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाया गया है।
सेबी का दृष्टिकोण
सेबी ने अपने आदेश में कहा था कि कंपनी ने लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये के समेकित राजस्व को गलत तरीके से प्रस्तुत किया हो सकता है। नियामक का मानना है कि इससे निवेशकों के सामने कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति से भिन्न तस्वीर प्रस्तुत हुई है।
निवेशकों की चिंता
कंपनी ने 4 जून को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में अपने पक्ष को दोहराया है। उसने कहा कि उसके द्वारा घोषित राजस्व पूरी तरह सही हैं और बढ़ाकर दिखाने का कोई मामला नहीं है। कंपनी ने सेबी को सभी आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में होने की बात भी कही।
शेयर बाजार पर प्रभाव
सेबी की कार्रवाई के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिसका असर कंपनी के शेयरों पर भी पड़ा है। राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर राष्ट्रीय शेयर बाजार में पांच प्रतिशत के निचले सर्किट पर पहुंच गए और 103.92 रुपये पर बंद हुए।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कॉरपोरेट पारदर्शिता, वित्तीय खुलासों की विश्वसनीयता और निवेशक संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी जुड़े हुए हैं। वर्तमान में बाजार की नजर सेबी की आगे की जांच और कंपनी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों पर है।
