रुपए में गिरावट: एसबीआई की रिपोर्ट में चिंता की कोई बात नहीं
रुपए की स्थिति पर एसबीआई की सकारात्मक रिपोर्ट
कहा, विश्व की अन्य मुद्राओं से रुपए की स्थिति बेहतर
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में गिरावट जारी है। सोमवार को रुपए ने 95 प्रति डॉलर का स्तर पार कर लिया। इस गिरावट के बावजूद, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है।
एसबीआई के अनुसार, यह गिरावट असामान्य नहीं है और यह अन्य वैश्विक मुद्राओं के समान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से रुपए में गिरावट आई है, जो अन्य मुद्राओं की तुलना में संतुलित है। एसबीआई ने यह भी बताया कि रुपए की गिरावट की एक सीमा है।
2013 जैसी स्थिति नहीं है
वर्तमान में वैश्विक अनिश्चितता का असर सभी देशों की मुद्राओं पर पड़ा है। जो मुद्राएं पहले मजबूत थीं, उनमें अब गिरावट देखी जा रही है। मौजूदा हालात 2013 के विपरीत हैं, जब रुपए में भारी उतार-चढ़ाव था। उस समय भारतीय रिजर्व बैंक को बाजार को स्थिर करने के लिए विशेष कदम उठाने पड़े थे।
इस बार, विदेशी कर्ज जुटाने के विकल्प भी प्रभावी नहीं माने जा रहे हैं, क्योंकि विकसित देशों में ब्याज दरों का संतुलन बिगड़ चुका है।
भारतीय जीडीपी विकास दर में गिरावट की संभावना
पश्चिम एशिया में तनाव एक महीने से अधिक समय से जारी है, जिससे खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति बनी हुई है और तेल व गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जल्द समाप्त नहीं होता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, विशेषकर विकासशील देशों में।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पश्चिम एशिया का संघर्ष आगामी वित्त वर्ष तक जारी रहता है, तो भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर में लगभग 1% की कमी आ सकती है, जबकि खुदरा महंगाई में लगभग 1.5% की वृद्धि हो सकती है। ईवाई इकोनॉमी वॉच रिपोर्ट के अनुसार, कई क्षेत्रों जैसे कपड़ा, रसायन, और सीमेंट पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
