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रुपये में गिरावट, विदेशी पूंजी निकासी का असर

रुपये ने बृहस्पतिवार को 11 पैसे की गिरावट के साथ 89.99 प्रति डॉलर का स्तर छुआ, जो विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी का परिणाम है। वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, भारत के मजबूत आर्थिक कारक रुपये को स्थिरता प्रदान कर रहे हैं। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिली। जानें रुपये की स्थिति, शेयर बाजार के हालात और क्रूड ऑयल की कीमतें।
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रुपये में गिरावट, विदेशी पूंजी निकासी का असर

रुपये की स्थिति

बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 11 पैसे की गिरावट के साथ 89.99 प्रति डॉलर का स्तर छुआ। नए साल की शुरुआत में विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के चलते रुपये की स्थिति नकारात्मक बनी हुई है।


विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, रुपये को 2026 में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, साथ ही सुरक्षा के मुद्दे भी सामने आएंगे।


वैश्विक आर्थिक स्थिति

हालांकि वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है, भारत के मजबूत आर्थिक कारक और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार रुपये को स्थिरता प्रदान करते रहेंगे। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.94 पर शुरुआत की, लेकिन बाद में यह 89.99 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 11 पैसे की गिरावट को दर्शाता है।


पिछले कारोबारी सत्र का प्रदर्शन

बुधवार को, रुपये का बंद भाव 89.88 प्रति डॉलर था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 98.32 पर रहा।


शेयर बाजार की स्थिति

घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 194.38 अंक की वृद्धि के साथ 85,414.98 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 47.55 अंक की बढ़त के साथ 26,177.15 अंक पर पहुंचा।


क्रूड ऑयल की कीमतें

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60.85 डॉलर प्रति बैरल रही। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने बुधवार को 3,597.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।