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रुपये में गिरावट, विदेशी पूंजी निकासी का असर

बुधवार को रुपये में गिरावट आई, जो 93.94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने इस स्थिति को प्रभावित किया। घरेलू शेयर बाजार में तेजी के बावजूद, रुपये पर दबाव बना हुआ है। जानें इस विषय में और क्या चल रहा है।
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रुपये में गिरावट, विदेशी पूंजी निकासी का असर

रुपये की स्थिति

बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 18 पैसे की गिरावट के साथ 93.94 प्रति डॉलर का स्तर छू लिया। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से निवेशकों में चिंता बनी हुई है।


विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी, डॉलर की कमजोरी और घरेलू शेयर बाजारों की सकारात्मक शुरुआत ने रुपये में और गिरावट को रोकने में मदद की।


हालांकि, पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण अनिश्चितताओं के चलते विदेशी पूंजी की निकासी ने रुपये पर दबाव बनाए रखा है।


बाजार की स्थिति

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 93.94 पर हुई, जो पिछले बंद भाव से 18 पैसे की गिरावट को दर्शाता है। मंगलवार को रुपये ने 23 पैसे की गिरावट के साथ 93.76 पर बंद किया था।


इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.28 पर रहा।


शेयर बाजार का प्रदर्शन

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,161.61 अंक या 1.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,230.06 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 372.85 अंक या 1.63 प्रतिशत चढ़कर 23,285.25 अंक पर पहुंचा।


अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.89 डॉलर प्रति बैरल रहा।


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 8,009.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।