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रुपये में लगातार गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों का असर

भारतीय रुपये में गिरावट का सिलसिला चौथे दिन भी जारी रहा, जो कि ईरान युद्ध के समाधान न निकलने और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण है। गुरुवार को रुपये ने 33 पैसे की कमी के साथ 94.11 के स्तर पर बंद किया। जानें इस गिरावट के पीछे के अन्य कारण और वैश्विक मांग का प्रभाव।
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रुपये में लगातार गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों का असर

रुपये की गिरावट का कारण

मुंबई: ईरान युद्ध का समाधान न निकलने और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया है। इस वजह से रुपये में गिरावट का सिलसिला चौथे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को रुपये ने 33 पैसे की कमी के साथ 94.11 (अस्थायी) के स्तर पर बंद किया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में शांति वार्ता की अनिश्चितता के चलते, रुपये ने एक महीने में दूसरी बार 94 का स्तर तोड़ा है।


फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मांग में वृद्धि, घरेलू शेयरों में भारी बिकवाली और विदेशी फंडों की निरंतर निकासी ने भी रुपये पर दबाव डाला है, जिससे पिछले एक सप्ताह में रुपये ने 1 प्रतिशत से अधिक का नुकसान झेला है।


इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपये ने 94.03 पर शुरुआत की और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के निचले स्तर 94.17 तक गिर गया। दिन के दौरान, रुपये ने 93.98 के उच्चतम स्तर को भी छुआ, लेकिन अंत में यह 94.11 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जिससे पिछले बंद स्तर की तुलना में 33 पैसे की गिरावट आई।