रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी: वैश्विक आर्थिक संकट की आहट
रॉबर्ट कियोसाकी की नई चेतावनी
नई दिल्ली: निवेश के क्षेत्र में अपनी प्रसिद्ध किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लिए जाने जाने वाले रॉबर्ट कियोसाकी एक बार फिर से अपनी 'क्रैश वार्निंग' को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सक्रिय रहने वाले कियोसाकी ने हाल ही में एक पोस्ट में चेतावनी दी है कि अमेरिका से लेकर टोक्यो तक के बाजारों में वित्तीय संकट के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी 2002 में प्रकाशित किताब 'रिच डैड प्रोफेसी' का उल्लेख करते हुए कहा कि जो चेतावनियां उन्होंने दो दशक पहले दी थीं, वे अब 2026 में वास्तविकता बन रही हैं।
बाजार में गिरावट के बीच अवसरों की खोज
कियोसाकी का कहना है कि वर्तमान में दुनिया 'एवरीथिंग बबल' के दौर से गुजर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये बबल अब फटने के कगार पर हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को सबसे बड़ी मंदी का सामना करना पड़ सकता है।
विजेता बनने की रणनीति
कियोसाकी ने न केवल मंदी की आशंका जताई है, बल्कि निवेशकों को इस संकट में अवसर खोजने के तरीके भी बताए हैं। उन्होंने कहा, "दुबई से वेगास और टोक्यो से न्यूयॉर्क तक आर्थिक पतन को देखें, लेकिन याद रखें कि आप इस स्थिति में भी विजेता बन सकते हैं।" उन्होंने वित्तीय स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया और निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार का बारीकी से अध्ययन करें और सजग रहें।
सोना, चांदी और बिटकॉइन: संकट के समय का सहारा
I WARNED EVERYONE
— Robert Kiyosaki (@theRealKiyosaki) April 17, 2026
In 2002 I released Rich Dad’s Prophecy.
In 2026 the predictions in Prophecy are coming true.
You don’t have to be a victim to the
“Everything Bubble” as the bubbles burst and leads to the greatest depression in world history.
You can still be a winner…
कियोसाकी ने पहले भी बाजार के गिरने की चेतावनी दी है। इस साल फरवरी में उन्होंने कहा था कि जो लोग इस बड़े स्टॉक मार्केट क्रैश के लिए तैयार नहीं हैं, उनके लिए यह समय 'बुरे सपने' जैसा होगा। संकट के इस समय में वे पारंपरिक बैंकिंग या स्टॉक के बजाय वैकल्पिक निवेश को प्राथमिकता देते हैं।
सुरक्षा के लिए निवेश के विकल्प
कियोसाकी ने अपनी अधिकांश पोस्ट में निवेशकों को सोना, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी 'बिटकॉइन' में निवेश करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि संकट के समय में सोना और चांदी सबसे मजबूत सहारा साबित होते हैं। उन्होंने निवेशकों को सुझाव दिया है कि बाजार में गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखें और सतर्क रहें।
