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वाणिज्यिक LPG की कीमतों में वृद्धि, घरेलू दरें स्थिर

हाल ही में वाणिज्यिक LPG की कीमतों में 42 रुपये की वृद्धि की गई है, जबकि घरेलू गैस की दरें स्थिर बनी हुई हैं। इस बदलाव का असर महंगाई पर पड़ सकता है, जिससे ग्राहकों को रोजमर्रा की सेवाओं के लिए अधिक खर्च करना पड़ सकता है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है और कैसे यह विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।
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वाणिज्यिक LPG की कीमतों में वृद्धि, घरेलू दरें स्थिर

वाणिज्यिक LPG की कीमतों में वृद्धि

सोमवार को होटल और रेस्तरां में उपयोग होने वाली वाणिज्यिक द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कीमत 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 42 रुपये बढ़ा दी गई। हालांकि, घरेलू रसोई गैस की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।


सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत 3,071.50 रुपये से बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है।


घरों में उपयोग होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर स्थिर है।


महंगाई का खतरा

ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि केवल व्यवसायों तक सीमित नहीं रह सकती। बढ़ते संचालन खर्च के कारण खाद्य, परिवहन और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।


इससे ग्राहकों को भोजन, डिलीवरी और अन्य दैनिक सेवाओं के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि महंगाई के दबाव को बढ़ा सकती है।


घरेलू LPG की कीमतें स्थिर रहेंगी

जहां वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है, वहीं घरेलू ग्राहकों के लिए राहत की बात है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि घरेलू LPG सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव

LPG की कीमतों में बदलाव से पहले, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतें 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाई गई थीं, जिससे रिटेल रेट 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल ही में कई बार बदलाव हुए हैं। तेल विपणन कंपनियों ने धीरे-धीरे कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों का असर ग्राहकों पर डाला है।


विशेषज्ञों का मानना है कि वाणिज्यिक LPG की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चल रही रुकावटें हैं।


भारत की ऊर्जा आपूर्ति

भारत अपनी कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और LPG की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है। हालांकि, वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, लेकिन LPG की उपलब्धता कम बनी हुई है।


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों को कम से कम 30 दिनों का LPG रिजर्व बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।