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वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव

वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी और भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार को प्रभावित किया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि प्राकृतिक गैस में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। जानें कि कैसे मध्य पूर्व में संघर्ष और अमेरिकी प्रशासन के कदमों ने इस स्थिति को प्रभावित किया है।
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वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव

वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल

इन दिनों वैश्विक ऊर्जा बाजार में काफी गतिविधि देखी जा रही है। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन तक कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हाल की जानकारी के अनुसार, यह बढ़ोतरी पिछले दो वर्षों में साप्ताहिक आधार पर सबसे बड़ी मानी जा रही है।


कीमतों में गिरावट का दौर

हालांकि, सप्ताह के प्रारंभ में कीमतों में थोड़ी कमी भी देखी गई थी। एक समय ऐसा आया जब तेल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई। यह गिरावट तब आई जब अमेरिका ने ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए संभावित कदम उठाने के संकेत दिए।


अमेरिकी प्रशासन के कदम

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करने, ईंधन मिश्रण नियमों में ढील देने और जरूरत पड़ने पर ट्रेजरी विभाग की भूमिका बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इन संकेतों ने बाजार में शुरुआती दबाव उत्पन्न किया।


मध्य पूर्व में संघर्ष का प्रभाव

इसके बावजूद, पूरे सप्ताह के दौरान तेल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता बढ़ गई है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई है, जिससे बाजार में चिंता बढ़ी है।


क्षेत्रीय तनाव की स्थिति

इस बीच, क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें बहरीन की एक तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। वहीं, इज़राइल द्वारा तेहरान में हवाई हमले जारी हैं। इसी तनाव के बीच अमेरिका ने कुवैत में अपने दूतावास की गतिविधियों को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया है।


तेल बाजार की तकनीकी स्थिति

तेल बाजार की तकनीकी स्थिति पर नजर डालें तो डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 81 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, 78.19 डॉलर का स्तर अब महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। यदि कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तो 82 से 84 डॉलर तक की वृद्धि संभव है।


अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कच्चा तेल

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कच्चा तेल भी मजबूत स्थिति में लगभग 85 डॉलर के आसपास बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ब्रेंट क्रूड ने 84.49 डॉलर के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर को पार कर लिया है, और बाजार में ऊपर की दिशा का रुझान बना हुआ है।


प्राकृतिक गैस के बाजार में कमजोरी

दूसरी ओर, प्राकृतिक गैस के बाजार में थोड़ी कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। प्राकृतिक गैस फ्यूचर्स लगभग 2.97 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, और 2.91 डॉलर का स्तर वर्तमान में महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।


गैस की कीमतों का भविष्य

विश्लेषकों का कहना है कि यदि गैस की कीमतें 2.91 डॉलर के नीचे जाती हैं, तो 2.84 और 2.77 डॉलर जैसे स्तरों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, यदि बाजार इस समर्थन के ऊपर टिकता है, तो 3 डॉलर से ऊपर की ओर फिर से रिकवरी संभव है।


भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव

कुल मिलाकर, मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को काफी प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति और आपूर्ति से जुड़े संकेत ही तय करेंगे कि तेल और गैस की कीमतों का रुख किस दिशा में बढ़ता है।