शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों की चिंता बढ़ी
शेयर बाजार में निराशाजनक शुरुआत
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, शेयर बाजार ने निवेशकों को निराश किया। दिन के दौरान अच्छी बढ़त के बाद अचानक बिकवाली में तेजी आई, जिससे प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जब बाजार लाल निशान में समाप्त हुआ है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 508.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,267.34 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 165.15 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की कमी के साथ 23,382.60 अंक पर पहुंच गया। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 75,367.93 अंक का उच्च स्तर छुआ था, लेकिन बाद में लगभग 1000 अंक गिर गया। निफ्टी भी 23,733.70 के उच्च स्तर से नीचे आ गया.
गिरावट के कारण
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 60 दिन के युद्धविराम समझौते पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, जिससे वैश्विक निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी चिंता का कारण बनी हुई हैं.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव डाला है। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को लगभग 21,106 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विशेषज्ञों का मानना है कि सूचकांकों में हालिया पुनर्संतुलन के कारण भी मुनाफावसूली हुई है.
तकनीकी संकेतक और समर्थन स्तर
तकनीकी संकेतकों के अनुसार, निफ्टी अभी भी महत्वपूर्ण औसत स्तरों के नीचे कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 23,400 और 23,200 अंक निफ्टी के लिए प्रमुख समर्थन स्तर हैं, जबकि 23,900 और 24,100 अंक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर बने हुए हैं. यदि निफ्टी 23,200 के नीचे जाता है, तो और बिकवाली संभव है.
बाजार में अस्थिरता
इस बीच, बाजार में डर और अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक भी बढ़ा है, जो दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं. विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत तेजी के लिए अस्थिरता सूचकांक का 15 के नीचे रहना आवश्यक है.
कमजोर मानसून की आशंका
कमजोर मानसून की आशंकाओं ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। मौसम से जुड़ी चिंताओं के कारण उपभोक्ता वस्तुओं और वाहन क्षेत्र के शेयरों में दबाव देखा गया है. निवेशकों को डर है कि यदि बारिश सामान्य से कम रहती है, तो कृषि उत्पादन, खाद्य कीमतों और आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुछ सकारात्मकता
हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो में खरीदारी देखने को मिली, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे शेयरों में कमजोरी आई.
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों की धारणा में सुधार नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की आवश्यकता होगी.
