शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों की सतर्कता बढ़ी
शेयर बाजार का कमजोर रुख
कारोबारी सत्र के दौरान भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों में सतर्कता का संकेत मिला। मंगलवार को, प्रमुख भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक रिकॉर्ड स्तरों के करीब से गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में कमी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट
निफ्टी 50 में लगभग 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 26,178.7 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 0.44 प्रतिशत की कमी आई और यह 85,063.34 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी और सेंसेक्स क्रमशः 0.6 और 0.8 प्रतिशत नीचे आए हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज पर दबाव
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जो जून 2024 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। कंपनी के बयान के अनुसार, जनवरी में रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति की संभावना नहीं है, जिससे बिकवाली बढ़ी। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूसी तेल पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है।
निवेशकों की चिंता
ट्रंप के सख्त बयानों ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका भारत पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करेगा, जिससे व्यापार समझौता अंतिम रूप ले सके। विशेषज्ञों का मानना है कि नकारात्मक वैश्विक संकेत भारतीय शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
रिटेल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा
रिलायंस के शेयरों पर रिटेल क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर भी देखने को मिला है। ट्रेंट के दिसंबर तिमाही के कमजोर बिक्री आंकड़ों के बाद रिटेल सेक्टर में चिंता बढ़ी, जिससे ट्रेंट के शेयरों में लगभग 8.6 प्रतिशत की गिरावट आई। इसी बीच, ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने रिलायंस को अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।
बैंकिंग सेक्टर की स्थिति
देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो लगातार दूसरे दिन कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। इसका कारण जमा वृद्धि की रफ्तार को लेकर चिंता बताई जा रही है। दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे वित्तीय सूचकांक में हल्की बढ़त देखने को मिली।
स्टील और हेल्थकेयर सेक्टर
स्टील सेक्टर में मिला-जुला रुख रहा, जहां जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील के शेयर दबाव में रहे। हाल ही में प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े एक मामले में इन कंपनियों का नाम आने के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं। वहीं, हेल्थकेयर सेक्टर से सकारात्मक संकेत मिले हैं, अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में लगभग 3.7 प्रतिशत की तेजी आई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बाजार में वैश्विक संकेतों, कॉरपोरेट अपडेट्स और सेक्टर-विशेष खबरों का प्रभाव स्पष्ट है, और निवेशक अब केवल चुनिंदा शेयरों में ही भरोसा जता रहे हैं।
