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शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 545.52 अंक और निफ्टी 190.75 अंक चढ़ा

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 545.52 अंक और निफ्टी 190.75 अंक चढ़ा। यह वृद्धि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और साल के अंत में शॉर्ट कवरिंग के कारण हुई। जानें बाजार के प्रमुख गेनर्स और लूजर्स के बारे में, और निवेशकों की नजर आगामी कॉर्पोरेट नतीजों और केंद्रीय बजट पर है।
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शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 545.52 अंक और निफ्टी 190.75 अंक चढ़ा

2025 के अंतिम दिन शेयर बाजार में खरीदारी का जोर


Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लगातार गिरावट के बाद बुधवार को एक मजबूत रिकवरी दिखाई। निफ्टी ने 10.50% का रिटर्न दिया, जो भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। वर्ष 2025 का अंतिम कारोबारी सत्र एक सकारात्मक बढ़त के साथ समाप्त हुआ।


बुधवार को, बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इस तेजी का मुख्य कारण घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की निरंतर खरीदारी और साल के अंत में 'शॉर्ट कवरिंग' है। अब निवेशकों की नजर 2026 की पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों और आगामी केंद्रीय बजट पर है, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।


दिनभर का कारोबार

बुधवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 545.52 अंक या 0.64% की बढ़त के साथ 85,220.60 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, सेंसेक्स ने 762.09 अंकों की छलांग लगाते हुए 85,437.17 के स्तर को भी छुआ। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 190.75 अंक या 0.74% चढ़कर 26,129.60 पर बंद हुआ। यह बढ़त लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद आई है।


बाजार के गेनर और लूजर

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, टाइटन और ट्रेंट आज के प्रमुख 'टॉप गेनर्स' रहे। इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को निचले स्तरों से उबारने में मदद की। दूसरी ओर, आईटी और फार्मा सेक्टर के कुछ दिग्गजों में दबाव देखा गया, जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और सन फार्मा।


विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार का सेंटिमेंट तेजी की ओर बढ़ा है, हालांकि प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल अभी भी बरकरार हैं। साल के अंत में रिस्क लेने की क्षमता में सुधार देखा गया, जो मुख्य रूप से शॉर्ट कवरिंग और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से प्रेरित था। दूसरी तरफ, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख अभी भी सावधानी भरा है। मंगलवार को उन्होंने 3,844.02 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,159.81 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की।