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शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी बढ़त

इस सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, शेयर बाजार ने जोरदार तेजी का अनुभव किया, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी ने महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की। विशेषज्ञों का मानना है कि वैल्यू बाइंग और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने इस तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानें किन शेयरों में तेजी आई और बाजार के उतार-चढ़ाव के संकेत क्या हैं।
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शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी बढ़त

शेयर बाजार में जोरदार उछाल


सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, शेयर बाजार ने शानदार तेजी का प्रदर्शन किया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद, बाजार ने मजबूती के साथ समापन किया। सेंसेक्स 938.93 अंक की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 के स्तर पर पहुंच गया। कुल मिलाकर बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला, जिसमें लगभग 1,410 शेयरों में तेजी आई, जबकि 2,772 शेयरों में गिरावट आई और 157 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। दिन के दौरान, सेंसेक्स ने 75,805 और निफ्टी ने 23,502 का उच्चतम स्तर भी छुआ।


तेजी वाले प्रमुख शेयर

निफ्टी के कई प्रमुख शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। विशेष रूप से *हिंदाल्को, अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम और जेएसडब्ल्यू स्टील* में तेजी देखी गई। वहीं, बीईएल, पावर ग्रिड, मैक्स हेल्थ, श्रीराम फाइनेंस और कोल इंडिया जैसे कुछ शेयरों में गिरावट भी आई।


वैल्यू बाइंग का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में तेजी का मुख्य कारण वैल्यू बाइंग है। जब बाजार गिरावट में था, तब निवेशकों ने कम कीमत पर अच्छे शेयर खरीदने का निर्णय लिया। इस दौरान, सेंसेक्स ने अपने निचले स्तर से लगभग 700 अंक की उछाल दिखाई। मेटल, ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई।


इंडिया VIX में कमी

बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX लगभग 5 प्रतिशत घटकर 22 से नीचे आ गया है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों को फिलहाल अधिक बिकवाली का डर नहीं है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि VIX का स्तर अभी भी थोड़ा ऊंचा है, इसलिए निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


वैश्विक संकेतों का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका कुछ देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए एक गठबंधन बनाने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, भारत के दो एलपीजी जहाज सुरक्षित तरीके से इस मार्ग को पार कर चुके हैं, जिससे तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर पड़ा।