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शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को 6 लाख करोड़ का नुकसान

सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में महत्वपूर्ण कमी आई। इस गिरावट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को बताया जा रहा है, जिसके चलते निवेशकों को एक ही दिन में 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण, निफ्टी 50 के प्रमुख गेनर्स और लूजर्स, और बाजार में अस्थिरता के संकेत।
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शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को 6 लाख करोड़ का नुकसान

शेयर बाजार में गिरावट का कारण


सोमवार को शेयर बाजार में गंभीर गिरावट देखी गई, जिससे दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स में 1048 अंकों की कमी आई, जबकि निफ्टी 313 अंक गिर गया।


गिरावट के पीछे का मुख्य कारण

मध्य पूर्व में तनाव, विशेषकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष, इस गिरावट का मुख्य कारण बना। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद स्थिति और बिगड़ गई है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल उत्पन्न हुआ है। इस अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने भारी बिकवाली की, और यदि यह संघर्ष जारी रहा, तो बाजार में गिरावट और भी बढ़ सकती है।


सेंसेक्स में गिरावट का आंकड़ा

सोमवार को सेंसेक्स ने 78,543 के स्तर से शुरुआत की और दिन के अंत में 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,238 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी ने 24,659 के स्तर से ओपनिंग की और 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,865 पर समाप्त हुआ।


निवेशकों को हुआ नुकसान

इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों को एक ही दिन में 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ से घटकर 457 लाख करोड़ रुपए रह गया।


निफ्टी 50 के प्रमुख गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी की 50 कंपनियों में क्वालिटी वॉल्स के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखी गई, जो 7.24 प्रतिशत बढ़ा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर में 2.09 प्रतिशत, हिंडाल्को में 1.66 प्रतिशत और ओएनजीसी में 0.90 प्रतिशत की वृद्धि हुई।


वहीं, इंडिगो को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जिसके शेयर में 6.36 प्रतिशत की गिरावट आई। एलएंडटी में 4.95 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स में 3.34 प्रतिशत, मारुति सुजुकी में 3.16 प्रतिशत और टाटा मोटर्स में 3.15 प्रतिशत की कमी आई।


VIX में वृद्धि

बाजार में अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 25% से अधिक बढ़कर 17.13 के नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच डर का संकेत है.