Newzfatafatlogo

शेयर बाजार में होली पर भारी गिरावट: निवेशकों को 9 लाख करोड़ का नुकसान

इस होली पर भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिससे निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि ने बाजार को प्रभावित किया है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और विशेषज्ञों की राय। क्या बाजार में सुधार संभव है? पढ़ें पूरी जानकारी के लिए।
 | 
शेयर बाजार में होली पर भारी गिरावट: निवेशकों को 9 लाख करोड़ का नुकसान

शेयर बाजार में गिरावट का कारण


नई दिल्ली: होली का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन इस बीच शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बना दिया है, जिसका प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है।


सेंसेक्स लगभग 1700 अंक गिरकर 78,600 के स्तर से नीचे चला गया, वहीं निफ्टी 500 अंक से अधिक टूटकर 24,350 के आसपास पहुंच गया। बैंक निफ्टी में भी 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट आई। यह गिरावट होली के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू होने पर आई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।


गिरावट के प्रमुख कारण

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने बाजार को बड़ा झटका दिया है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है। वैश्विक निवेशक अब सुरक्षित विकल्पों जैसे सोने और डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं।


भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सोमवार को भी बाजार में गिरावट आई थी, लेकिन होली की छुट्टी (3 मार्च) के बाद आज 4 मार्च को ट्रेडिंग फिर से शुरू होने पर गिरावट और तेज हो गई।


बड़े शेयरों में भारी नुकसान

बीएसई के शीर्ष 30 शेयरों में से अधिकांश लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। टेक कंपनियों को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली हुई। एलएंडटी के शेयर 6% से अधिक गिरे, टाटा स्टील 5% और अडानी पोर्ट्स 4% टूट गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंडिगो जैसे शेयर भी 4% तक नीचे आए। ऑटो, इंफ्रा और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।


निवेशकों को बड़ा नुकसान

इस गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन सोमवार को 456.9 लाख करोड़ रुपये था, जो आज घटकर 447.9 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी एक दिन में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू बाजार से गायब हो गई। यह गिरावट वैश्विक स्तर पर भी देखी जा रही है, जहां एशियाई बाजार भी लाल निशान पर खुले हैं।


हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। यदि युद्ध की स्थिति स्पष्ट होती है, तो बाजार में सुधार संभव है। इस समय निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।