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सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों में चिंता

मंगलवार को कीमती धातुओं के बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। ट्रंप के ईरान पर हमले को टालने के निर्णय के बाद निवेशकों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति में कमी आई, जिससे दोनों धातुओं की मांग घटी। चांदी की कीमत 11,605 रुपये और सोने की कीमत 2,576 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों में चिंता

कीमती धातुओं में गिरावट का दौर


मुंबई: कीमती धातुओं के बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले को टालने के निर्णय के बाद निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति में कमी आई, जिससे सोने और चांदी की मांग में गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत एक झटके में 11,000 रुपये घट गई। वहीं, सोने की कीमत भी 2,500 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दोनों धातुओं की कीमतें कमजोर पाई गईं। निवेशक अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि यह गिरावट कब तक जारी रहेगी।


चांदी की कीमत में तेज गिरावट

मंगलवार को चांदी की कीमत खुलते ही तेजी से गिरी। पिछले दिन 2,25,167 रुपये पर बंद होने के बाद आज इसकी ओपनिंग 2,13,562 रुपये पर हुई। एक ही दिन में 11,605 रुपये की भारी गिरावट आई है। अब चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से नीचे आ चुकी है। 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,048 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था, जो अब 2,06,486 रुपये सस्ती हो गई है। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका है।


सोने की कीमतों में भी गिरावट

सोने की कीमत भी मंगलवार को बुरी तरह प्रभावित हुई। 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 2,576 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। सोमवार को 1,39,260 रुपये पर बंद होने के बाद आज यह 1,36,684 रुपये पर खुला। 29 जनवरी को सोने ने 1,93,096 रुपये का उच्चतम स्तर बनाया था, जो अब 56,412 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। घरेलू बाजार में सोने की मांग में भी कमी आई है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स पर सोने की कीमत लगभग 2 फीसदी गिरकर 4,317 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। चांदी की कीमत 66.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करने के फैसले ने इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित किया है। मध्य पूर्व में युद्ध की अनिश्चितता के बावजूद निवेशक सुरक्षित स्थानों से पैसा निकाल रहे हैं।


गिरावट के कारण

गिरावट के कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण ट्रंप का ईरान पर हमले को पांच दिन के लिए टालना है, जिससे तेल की कीमतों में गिरावट आई और महंगाई का डर कम हुआ। इसके अलावा, अमेरिकी फेड रिजर्व ने ब्याज दरें नहीं घटाईं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ। वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई है। इन सभी कारकों ने मिलकर सोने और चांदी की कीमतों को नीचे धकेला है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट होने पर ही रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है।