सोने और चांदी की कीमतों में उछाल: जानें इसके पीछे के कारण
सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि
मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भू-राजनीतिक जोखिमों में इजाफा हुआ है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि हुई है। इस स्थिति ने कीमती धातुओं में निवेशकों का रुझान बढ़ा दिया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, सोना फिर से निवेशकों की प्राथमिकता बन गया है।
सोने और चांदी की कीमतें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल के सोने के अनुबंध में 0.5% से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे इसकी कीमत 1,56,740 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। इसी तरह, चांदी की कीमत में भी 1% से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जो 2,59,569 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस वर्ष अब तक सोने की कीमत में लगभग 16% की वृद्धि हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के भाव
सिंगापुर में सुबह के समय स्पॉट गोल्ड की कीमत 5,005.54 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रही। चांदी में 0.1% की वृद्धि के साथ इसकी कीमत 80.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। पिछले सत्र में चांदी में 0.3% की गिरावट आई थी। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को आई गिरावट के बाद मंगलवार को तेजी आई, जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं।
सोने-चांदी के दाम बढ़ने के प्रमुख कारण
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जो 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, महंगाई बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालने की आशंका को बढ़ा रही हैं। तेल की महंगाई सोने की मांग को बढ़ावा देती है, क्योंकि इसे महंगाई से बचाव का एक प्रमुख साधन माना जाता है।
अमेरिकी फेड की बैठक और डॉलर का उतार-चढ़ाव
18 मार्च को होने वाली फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले डॉलर में अस्थिरता देखी जा रही है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। ब्याज दरों में कटौती न होने से डॉलर को कुछ मजबूती मिल सकती है, लेकिन मध्य पूर्व के संकट के कारण सोने की सुरक्षित मांग बनी रहेगी।
विशेषज्ञों की राय और तकनीकी विश्लेषण
ऑगमॉन्ट के रिसर्च में सोने की कीमतों को लगभग 5,000 डॉलर का समर्थन मिला है, जबकि चांदी 80 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर बनी हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव के इस माहौल में ये स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन हैं, जो विभिन्न आर्थिक धारणाओं से प्रेरित हैं।
चांदी फिलहाल 80 डॉलर के स्तर पर मजबूती से टिकी हुई है, लेकिन यदि यह सीमा टूटती है, तो कीमतों में गिरावट आ सकती है और यह 75 डॉलर या यहां तक कि 70 डॉलर तक जा सकती है। वहीं, यदि खरीदारी में तेजी आती है, तो निकट भविष्य में कीमतें 90 डॉलर और संभावित रूप से 95 डॉलर तक पहुंच सकती हैं।
यदि सोना मौजूदा स्तरों से ऊपर बना रहता है और मोमेंटम हासिल करता है, तो सुरक्षित निवेश की मांग और बदलती आर्थिक स्थितियों के समर्थन से यह निकट भविष्य में 5,200 डॉलर की ओर बढ़ सकता है और उसके बाद 5,250 डॉलर के स्तर को भी चुनौती दे सकता है।
