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सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें कारण

गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। चांदी की कीमत 15,000 रुपये तक लुढ़क गई, जबकि सोना भी 4,236 रुपये गिरकर 1,39,861 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव है। जानें स्थानीय बाजार में सोने-चांदी के भाव और इसके पीछे के कारण।
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सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें कारण

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट


गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई। शाम पांच बजे बाजार खुलते ही चांदी की कीमत में भारी दबाव देखा गया, जिससे यह 15,000 रुपये तक गिर गई।


रात करीब 10:45 बजे चांदी की कीमत 6 प्रतिशत से अधिक की कमी के साथ 2,20,650 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। इसी दौरान सोने की कीमत भी 2.94 प्रतिशत यानी 4,236 रुपये गिरकर 1,39,861 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।


कमोडिटी बाजार में गिरावट का कारण

रामनवमी के अवसर पर घरेलू शेयर बाजार बंद रहा, लेकिन कमोडिटी बाजार शाम पांच बजे से रात 11:30 बजे तक खुला रहा। इस दौरान, मई वायदा वाली चांदी की कीमत 15,000 रुपये गिरकर 2.20 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना 3,000 रुपये से अधिक गिरकर 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।


स्थानीय बाजार में सोने-चांदी के भाव

स्थानीय बाजारों में भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखी जा रही है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,040 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलो है। मुंबई और कोलकाता में सोने की कीमत 1,46,890 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। विभिन्न शहरों में स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण भावों में मामूली अंतर हो सकता है।


सोने और चांदी की कीमतों में आई इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव की अनिश्चितता है।


भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव

अमेरिका ने ईरान से युद्ध समाप्त करने के लिए 15 शर्तों वाला प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ईरान ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद अमेरिका ने धमकी दी, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई, लेकिन इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ।


आमतौर पर भू-राजनीतिक संकट के समय सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर ने इन पर दबाव डाला।


डॉलर की मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन धातुओं की मांग प्रभावित हुई, जिसका असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश के रूप में कम आकर्षक बना दिया।