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सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि से ग्राहकों के खरीदारी के रुझान में बदलाव

हाल के वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि ने ग्राहकों के खरीदारी के रुझान को बदल दिया है। अब ग्राहक अपने पुराने गहनों के बदले नए गहनों की खरीद में रुचि दिखा रहे हैं, विशेष रूप से 18 और 22 कैरेट के सस्ते विकल्पों की ओर। इस लेख में जानें कि कैसे ग्राहक बजट के अनुसार गहनों का चयन कर रहे हैं और आगामी अक्षय तृतीया पर बिक्री की उम्मीदें क्या हैं।
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सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि से ग्राहकों के खरीदारी के रुझान में बदलाव

गहनों की खरीदारी में नया ट्रेंड


गहनों की खरीदारी में बदलाव


पिछले दो वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में, दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1.58 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत लगभग 2.57 लाख रुपये प्रति किलो है।


इन ऊंची कीमतों के कारण, शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने वाले ग्राहक अपने पुराने गहनों के बदले नए गहनों की खरीद में रुचि दिखा रहे हैं। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, ग्राहक अब 18 और 22 कैरेट के सस्ते गहनों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।


ग्राहकों के बदलते रुझान के कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहक अब बजट का ध्यान रखते हुए 18 कैरेट के गहनों की ओर बढ़ रहे हैं, जो 24 कैरेट से 25 प्रतिशत तक सस्ते होते हैं। हल्के वजन और नई डिज़ाइन वाले बहुउद्देश्यीय गहनों की मांग बढ़ रही है। अक्षय तृतीया के अवसर पर, 50 प्रतिशत गहनों और 50 प्रतिशत सिक्कों की बिक्री होने की उम्मीद है। ग्राहक बढ़ती कीमतों से बचने के लिए मौजूदा दरों पर गहनों की प्री-बुकिंग कर रहे हैं।


भारत में गहनों की मांग का स्वरूप

भारत में गहनों की खरीदारी क्षेत्र के अनुसार भिन्न होती है। दक्षिण और पश्चिम भारत में भारी पारंपरिक गहनों की मांग अधिक है, जबकि उत्तर और पूर्व में हल्के गहनों की अधिक खपत होती है। चेतन थड़ेश्वर का मानना है कि जो ग्राहक 90 हजार से एक लाख रुपये की खरीदारी करने से चूक गए थे, वे अब 1.50 लाख रुपये पर भी सोना खरीदने को तैयार हैं।