सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी, चांदी में गिरावट: जानें कारण
सोने और चांदी की कीमतों का ताजा हाल
नई दिल्ली: 20 मार्च 2026 को सोने की कीमत में मामूली वृद्धि देखी गई, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। सोने में तकनीकी खरीदारी का समर्थन है, जबकि चांदी की इंडस्ट्रियल मांग में कमी के कारण इसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। आइए, इस विषय पर विस्तार से जानते हैं।
लेटेस्ट प्राइस अपडेट
स्पॉट गोल्ड: एशियाई ट्रेडिंग में 0.6% की वृद्धि के साथ लगभग $4,675-$4,678 प्रति औंस पर पहुंच गया है। यह हाल के दो महीनों के निचले स्तर से उबरने का संकेत है।
US गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी): 1.6% की वृद्धि के साथ $4,676-$4,690 के आसपास है।
स्पॉट सिल्वर: 1.7% की गिरावट के साथ $71.66-$72.75 प्रति औंस पर है।
अन्य धातुएं: प्लेटिनम 0.2% बढ़कर $1,974 पर और पैलेडियम 1% बढ़कर $1,461 पर है।
भारत: MCX गोल्ड में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन त्योहारों की मांग के चलते डिस्काउंट कम हुआ है।
इस सप्ताह सोने की कीमत में 6% से अधिक की गिरावट आई है, जबकि फरवरी के अंत में US-इजराइल-ईरान तनाव के कारण यह 10% तक गिर गया था।
सोने की वृद्धि और चांदी की गिरावट के कारण
सोने में तकनीकी खरीदारी हुई है क्योंकि इसकी कीमतें महत्वपूर्ण समर्थन स्तर पर बनी हुई हैं। व्यापारियों ने गिरावट के बाद खरीदारी की, लेकिन चांदी में कमजोर भौतिक और औद्योगिक मांग (जैसे सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स) के कारण अधिक बिक्री का दबाव रहा। मजबूत डॉलर (इस महीने 2% से अधिक की वृद्धि) ने दोनों धातुओं को महंगा बना दिया है, विशेषकर उन खरीदारों के लिए जो अन्य मुद्राओं में लेन-देन कर रहे हैं।
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और महंगाई बढ़ने का संकेत दिया है। उच्च ब्याज दरें सोने और चांदी जैसे गैर-यील्डिंग संपत्तियों को कम आकर्षक बनाती हैं, जिससे निवेशक यील्ड वाले संपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं।
जियोपॉलिटिकल और तेल बाजार का प्रभाव
तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल से ऊपर हैं, जो इजराइल-ईरान तनाव के कारण है। ईरान पर तेल प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। जियोपॉलिटिकल जोखिम आमतौर पर सोने को समर्थन देता है, लेकिन इस बार डॉलर और महंगाई का डर अधिक हावी है।
क्या कीमती धातुएं गिरेंगी या फिर से उभरेंगी?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि डॉलर मजबूत बना रहा और फेड ब्याज दरें नहीं घटाता, तो दबाव जारी रहेगा। लेकिन यदि महंगाई का रुख बदलता है या दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है, तो रिकवरी संभव है। यदि समर्थन स्तर बना रहा, तो सोना $4,800 की ओर बढ़ सकता है। चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग पर निर्भर करेंगी।
