सोने के दाम में ऐतिहासिक गिरावट: जानें कारण और वर्तमान स्थिति
सोने के दाम में चार दशकों की सबसे बड़ी गिरावट
सोने के दाम में गिरावट का कारण
पिछले तीन महीनों में सर्राफा बाजार में असामान्य गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। 2026 की शुरुआत में सोने और चांदी के दाम तेजी से बढ़े, जिससे सोना दो लाख और चांदी चार लाख के स्तर तक पहुँच गया। लेकिन इसके बाद, इनकी कीमतों में लगातार गिरावट आई। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद, सोने और चांदी के दाम में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पिछले सप्ताह में सोने के दाम में जो गिरावट आई, वह पिछले चार दशकों में सबसे अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। 13 मार्च को सोने की कीमत 5,200 डॉलर प्रति औंस थी, जो 23 मार्च तक घटकर 4,354 डॉलर प्रति औंस हो गई। यह धातु पहले 5,595.51 डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी थी। भारतीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। सोने की कीमत 1,40,158 रुपये से घटकर 1,29,595 रुपये तक पहुँच गई।
गिरावट के प्रमुख कारण
सोने की कीमतों में गिरावट के तीन मुख्य कारण हैं। पहला, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच का संघर्ष, जिससे ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आने की आशंका है। इसके परिणामस्वरूप, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें पिछले 30 दिनों में 56 प्रतिशत बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। दूसरा, ऊर्जा की महंगाई से मुद्रास्फीति की चिंताएँ बढ़ गई हैं। तीसरा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण निवेशक कीमती धातुओं से दूर हो रहे हैं।
दिल्ली में सोने और चांदी के दाम
दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 9,050 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुई है, जबकि चांदी की कीमत 10,500 रुपये प्रति किलोग्राम गिरी है। अब सोने का भाव 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। शुक्रवार को यह 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 10,500 रुपये की गिरावट के साथ 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई है।
