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सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: जानें ताजा स्थिति

सोने और चांदी की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव ने बाजार में हलचल मचा दी है। सोने की कीमतें बढ़कर ₹1.66 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई हैं, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। रुपये की कमजोरी और बढ़ती इंपोर्ट ड्यूटी का असर भी स्पष्ट है। जानें इस विषय पर विशेषज्ञों की राय और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति।
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सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: जानें ताजा स्थिति

सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव


सोने और चांदी की कीमतें: जहां एक ओर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उथल-पुथल मची हुई है, वहीं सोने और चांदी की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को सोने की कीमतों ने बाजार में हलचल मचा दी, जब पिछले तीन दिनों की गिरावट के बाद अचानक इसकी कीमतें बढ़ गईं। दिल्ली के सर्राफा बाजार में इस वृद्धि ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।


हालांकि, चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। लगातार बढ़ने के बाद, चांदी के दाम अचानक नीचे आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और घरेलू आर्थिक दबाव का प्रभाव अब सोने और चांदी की कीमतों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।


सोने का ट्रेंड बदल गया

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला 24 कैरेट सोना गुरुवार को ₹650 की वृद्धि के साथ ₹1.66 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। बुधवार को इसकी कीमत ₹1,65,350 थी। तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने में आई इस तेजी ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है।


चांदी की कीमतों में गिरावट

चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। चांदी ₹900 की कमी के साथ ₹2,96,600 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत ₹2,97,500 प्रति किलो थी। पिछले तीन दिनों से चांदी में तेजी थी, लेकिन गुरुवार को यह अचानक थम गई।


रुपये की कमजोरी का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी सोने की कीमतों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। गुरुवार को रुपये की कीमत 95.73 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुई। रुपये की कमजोरी के कारण सोने का आयात महंगा हो गया है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।


इंपोर्ट ड्यूटी और महंगाई का असर

हाल ही में बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी का असर भी बाजार में स्पष्ट हो रहा है। निवेशक नई खरीदारी से बच रहे हैं, जबकि कुछ लोग मुनाफा वसूलने के लिए बिकवाली कर रहे हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, ऊंची कीमतों के कारण फिजिकल डिमांड काफी कमजोर हो गई है और बाजार में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी अलग-अलग दिशा में कारोबार कर रहे हैं। ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत मामूली बढ़त के साथ 4,704.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि चांदी 0.57 प्रतिशत गिरकर 87.04 डॉलर प्रति औंस पर रही। बढ़ती महंगाई और ऊर्जा कीमतों में तेजी के बीच निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।