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सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: जानें क्या है कारण?

सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में भारी गिरावट आई है। चांदी की कीमत में एक दिन में 5,357 रुपये की कमी आई है, जबकि सोने में भी 1,780 रुपये की गिरावट देखी गई है। जानें इसके पीछे के कारण, जैसे कि वैश्विक संकेत और बाजार में मुनाफा वसूली। क्या यह गिरावट जारी रहेगी? निवेशकों को क्या करना चाहिए? इस लेख में सभी जानकारी प्राप्त करें।
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सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: जानें क्या है कारण?

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट


नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से गिरावट देखने को मिली है। पिछले सप्ताह इन दोनों कीमती धातुओं में तेजी आई थी, लेकिन सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार शुरू होते ही चांदी के दाम में भारी कमी आई है।


चांदी में एक झटके में 5357 रुपये की कमी

एमसीएक्स पर 5 मई एक्सपायरी वाली चांदी शुक्रवार को 2,57,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। सोमवार को खुलते ही यह 2,51,785 रुपये पर आ गई, जिससे एक ही दिन में 5,357 रुपये प्रति किलो की कमी आई। अब चांदी अपने इस साल के उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुकी है।


जनवरी में चांदी का भाव पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार गया था और 4,39,337 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था। ताजा गिरावट के बाद अब 1 किलो चांदी अपने उच्चतम स्तर से 1,87,552 रुपये सस्ती हो गई है।


सोने में भी 1780 रुपये की कमी

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट आई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव पिछले बंद भाव से 1,780 रुपये कम होकर 1,52,829 रुपये पर पहुंच गया है। अपने रिकॉर्ड हाई 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में अब सोना 50,155 रुपये सस्ता मिल रहा है।


US-Iran संघर्ष के बाद कीमतों में गिरावट

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। उससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को चांदी 2,82,644 रुपये प्रति किलो पर थी। अब तक चांदी में 30,859 रुपये प्रति किलो की गिरावट आ चुकी है। इसी अवधि में सोने में भी 12,830 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई है। 27 फरवरी को सोना 1,65,659 रुपये पर बंद हुआ था।


पिछले हफ्ते तेजी के बाद आई गिरावट

पिछले सप्ताह चांदी में 14,805 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। 10 अप्रैल को यह 2,43,274 रुपये पर थी, जो शुक्रवार को 2,58,079 रुपये तक पहुंच गई। सोना भी चार दिनों में 1,953 रुपये महंगा हुआ था, लेकिन अब बाजार में मुनाफा वसूली और वैश्विक संकेतों के कारण दबाव दिख रहा है।


निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे उतार-चढ़ाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही निवेश करें।