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हरियाणा के मुख्यमंत्री से पत्रकारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की मांग

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना के उद्घाटन का आश्वासन दिया है। मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला और पत्रकारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें प्रस्तुत की। इस योजना के तहत पत्रकारों और उनके परिवारों को मुफ्त कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, संगठन ने पेंशन सुधार और शिक्षा में आरक्षण की भी मांग की है। जानें इस योजना के बारे में और क्या-क्या मांगे की गई हैं।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री से पत्रकारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की मांग

मुख्यमंत्री नायब सैनी का आश्वासन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) के कार्यक्रम में शामिल होकर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का उद्घाटन करेंगे।


यह बीमा योजना पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए है, जिसे तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लॉन्च किया था।


एमडब्ल्यूबी का प्रतिनिधिमंडल

शनिवार को, एमडब्ल्यूबी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सैनी से मिला और पत्रकारों के कल्याण के लिए एक विस्तृत मांग पत्र प्रस्तुत किया।


इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चंद्रशेखर धरणी ने किया, जिसमें थानेश्वर शर्मा, योगिंद्र शर्मा और पवन चोपड़ा शामिल थे।


कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस की मांग

चंद्रशेखर धरणी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि पत्रकारों के लिए मुफ्त कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को जल्द से जल्द लॉन्च किया जाए।


मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे जल्द ही इस कार्यक्रम के लिए समय देंगे।


पत्रकारों के लिए बीमा योजनाएं

धरणी ने बताया कि एमडब्ल्यूबी ने भारत में पत्रकारों के लिए कैशलेस बीमा की सुविधा शुरू की है, जो बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है।


इससे पहले, संगठन ने पत्रकारों को टर्म और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस की मुफ्त सेवाएं भी प्रदान की हैं।


पत्रकारों की मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र में पत्रकारों की कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल की हैं, जैसे पेंशन सुधार और शिक्षा-रोजगार में आरक्षण।


धरणी ने कहा कि पत्रकारों को उनके योगदान के लिए उचित सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए।


सरकारी सहायता की आवश्यकता

एमडब्ल्यूबी ने सरकार से पत्रकारों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं और शिक्षा में आरक्षण की मांग की है।


इससे पत्रकारों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में 3% आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार होगा।


आर्थिक सहायता की अपील

धरणी ने कहा कि संगठन ने पहले भी गंभीर बीमारियों में पत्रकारों की मदद की है, और अब वे सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।


पत्रकार समुदाय इन सुधारों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।