हवाई यात्रा में सीट चयन के लिए नया नियम: 60% सीटें होंगी मुफ्त
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत 20 अप्रैल से सभी एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट में 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रियों को उपलब्ध करानी होंगी। यह कदम यात्रियों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट पर मुफ्त सीटों की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। हालांकि, इस निर्णय का एयरलाइंस ने विरोध किया है, जिससे टिकट की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
| Mar 30, 2026, 13:19 IST
नए नियम का प्रभाव
हवाई यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है, जिससे फ्लाइट में सीट चयन की समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने निर्देश जारी किया है कि 20 अप्रैल से सभी एयरलाइंस को अपनी हर उड़ान में कम से कम 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रियों को उपलब्ध करानी होंगी। यह निर्णय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 18 मार्च की घोषणा के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष सेवाएं प्रदान करना है। DGCA द्वारा 20 मार्च को जारी संशोधित एयर ट्रांसपोर्ट सर्कुलर के अनुसार, एयरलाइंस को न केवल मुफ्त सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी, बल्कि अपनी सीट आवंटन नीति को भी स्पष्ट और खुला रखना होगा, ताकि बुकिंग के समय यात्रियों को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े।
सीट चयन की नई प्रक्रिया
नए नियम के अनुसार, एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट और बुकिंग प्लेटफॉर्म पर यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कौन-सी सीटें मुफ्त हैं और किन पर शुल्क लागू है, साथ ही संबंधित शर्तों की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से प्रदान करनी होगी। इसके अतिरिक्त, DGCA ने यह भी निर्देश दिया है कि एक ही PNR (Passenger Name Record) पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को संभवतः साथ बैठाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। वर्तमान में, केवल लगभग 20% सीटें ही बिना शुल्क के चुनने की सुविधा प्रदान की जाती थीं, जबकि अन्य सीटों के लिए यात्रियों को ₹200 से लेकर ₹2,100 तक का भुगतान करना पड़ता था, जो सीट की स्थिति और अतिरिक्त लेगरूम जैसी सुविधाओं पर निर्भर करता है।
एयरलाइंस की चिंताएं
सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया है कि एयरलाइंस को अन्य वैकल्पिक सेवाओं, जैसे कि स्पोर्ट्स उपकरण या संगीत वाद्ययंत्र ले जाने के शुल्क और सामान के नुकसान की स्थिति में जिम्मेदारी से जुड़ी शर्तों को भी अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। DGCA का यह सर्कुलर जारी होने के 30 दिनों बाद लागू होगा। हालांकि, एयरलाइंस ने इस निर्णय का विरोध किया है। भारतीय एयरलाइंस संघ (FIA), जिसमें IndiGo, Air India और SpiceJet शामिल हैं, का कहना है कि 60% सीटें मुफ्त करने से उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और इसके लिए उन्हें टिकट की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। FIA ने इस संबंध में मंत्रालय को पत्र लिखकर निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इसके बावजूद, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एयरलाइंस द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिए अधिक शुल्क वसूले जाने के कारण यात्रियों में असंतोष बढ़ रहा था।
