होलि के कारण शेयर बाजार में स्थिरता, निवेशकों को मिला ब्रेक
शेयर बाजार में होलि का प्रभाव
होलि के अवसर पर आज शेयर बाजार में कोई गतिविधि नहीं रही। लगातार गिरावट के बाद निवेशकों को एक दिन का आराम मिला है। 3 मार्च 2026 को होली के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग पूरी तरह से बंद रही। सभी सेगमेंट, जैसे कि इक्विटी और डेरिवेटिव्स, में कोई लेनदेन नहीं हुआ।
होलि का त्योहार और बाजार की स्थिति
हालांकि, होली का त्योहार देश के विभिन्न हिस्सों में 4 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन एक्सचेंज के कैलेंडर के अनुसार अवकाश मंगलवार को रखा गया था। जानकारी के अनुसार, नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव एक्सचेंज में भी दोनों सत्रों में कारोबार बंद रहा।
बाजार में बिकवाली का दबाव
सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक संकेत कमजोर रहे और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया। कच्चे तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया। महंगे तेल के कारण महंगाई, रुपये पर दबाव और भारत के आयात बिल को लेकर चिंताएं बढ़ गईं, जिसका सीधा असर इक्विटी बाजार पर पड़ा।
निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट
सोमवार को निफ्टी 50 लगभग 1.24 प्रतिशत गिरकर 24,865.70 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.29 प्रतिशत लुढ़ककर 80,238 के स्तर पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखा गया, और दोनों सूचकांक डेढ़ प्रतिशत से अधिक टूट गए।
2026 के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे
2026 में एक्सचेंज ने कुल 15 ट्रेडिंग हॉलिडे निर्धारित किए हैं। जनवरी में 15 तारीख को मुंबई बीएमसी चुनाव के कारण अतिरिक्त अवकाश था, जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर बाजार बंद रहा। मार्च में होली के अलावा 26 मार्च को श्री राम नवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती पर भी बाजार में कारोबार नहीं होगा।
आगे की छुट्टियों की योजना
अप्रैल और मई में दो-दो छुट्टियां निर्धारित हैं, जबकि जून में एक अवकाश रहेगा। जुलाई और अगस्त में कोई बंदी नहीं होगी, जबकि सितंबर और दिसंबर में एक-एक छुट्टी प्रस्तावित है। अक्टूबर और नवंबर में दो-दो ट्रेडिंग हॉलिडे निर्धारित किए गए हैं।
निवेशकों की नजरें
इस समय निवेशकों की निगाहें वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई हैं। ट्रेडिंग फिर से शुरू होने पर बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी, और आने वाले सत्रों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।
